
Inspirational Story : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भावुक कर देने वाली कहानी तेजी से वायरल हो रही है। यह कहानी सिर्फ एक मां की मास्टर डिग्री हासिल करने की नहीं, बल्कि उन तमाम संघर्षों की है जिन्हें पार करते हुए उन्होंने अपने सपनों को पूरा किया। हजारों किलोमीटर दूर दुबई में बैठी उनकी बेटी जब टीवी पर अपनी मां का कॉन्वोकेशन समारोह देख रही थी, तो खुशी और गर्व से उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
टीवी स्क्रीन पर मां को देखकर भावुक हुई बेटी
श्रीलंका की कंटेंट क्रिएटर नुमाया कारू इन दिनों दुबई में रहती हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह अपने कमरे में बैठकर अपनी मां का दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony) लाइव देख रही थीं। जैसे ही मंच पर उनकी मां का नाम पुकारा गया और उन्होंने मास्टर डिग्री प्राप्त की, नुमाया अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले। यह पल सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के दिल को छू गया।
पिता के निधन के बाद नहीं मानी हार
नुमाया ने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई थी। उन्होंने पिछले नौ वर्षों तक अकेले ही मां और पिता दोनों की जिम्मेदारियां निभाईं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतें और नौकरी—सब कुछ संभाला। इसी दौरान उन्हें एक और बड़ा दुख झेलना पड़ा। एक ही वर्ष में उन्होंने अपने माता-पिता को भी खो दिया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार को मजबूती से संभाले रखा।
बंद पड़े स्कूल को फिर से किया शुरू
नुमाया के अनुसार, उनकी मां ने सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक काम किया। सरकार ने जब वर्षों से बंद पड़े एक ग्रामीण स्कूल को दोबारा शुरू करने का फैसला किया, तब उन्होंने उस स्कूल की पहली प्रिंसिपल बनने की जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने स्कूल को फिर से व्यवस्थित किया, बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल दिया और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की नई उम्मीद जगाई।
जिम्मेदारियों के बीच पूरी की पढ़ाई
घर, नौकरी और समाज की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। कई वर्षों की मेहनत के बाद आखिरकार उन्होंने मास्टर डिग्री हासिल कर अपने अधूरे सपने को पूरा किया। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो परिवार की जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को पीछे छोड़ देती है।
बेटी ने लिखा भावुक संदेश
नुमाया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी मां ने हमेशा दूसरों की खुशियों को अपनी इच्छाओं से ऊपर रखा। उन्होंने कहा, “आज जो जिंदगी मैं दुबई में जी रही हूं, वह मेरी मां का ही सपना था। लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि के दिन उनके साथ न होना मुझे हमेशा खलेगा।” यह संदेश हर उस व्यक्ति को भावुक कर गया जो नौकरी या पढ़ाई के कारण अपने माता-पिता से दूर रहता है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लुटाया प्यार
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने इस मां-बेटी की जोड़ी की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “यह इंटरनेट पर देखी गई सबसे प्रेरणादायक कहानी है।” दूसरे यूजर ने लिखा, “मां कभी हार नहीं मानती। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।” कई लोगों ने कहा कि यह कहानी बताती है कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास की कोई उम्र नहीं होती।
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