
होर्मुज पर नियंत्रण के लिए ईरानी संसद में बिल पेश
Hormuz Strait Crisis : ईरान के होर्मुज में हालिया हमलों में एक भारतीय की मौत से भारत सरकार नाखुश हो गई है। इसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के उप राजदूत मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत ईरानी डिप्लोमेट्स को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर ईरानी मिशन से जवाब मांगा और गंभीर चिंता भी जताई।
दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने UAE के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया था। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में 6 भारतीयों समेत 8 लोग भी घायल हैं। वहीं अमेरिका ने भी ईरान पर बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के मुताबिक, करीब पांच घंटे तक चले हमलों में बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ट्रम्प का बड़ा ऐलान
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स:अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करेगा। इसके बदले हर कार्गो पर 20% शुल्क वसूलेगा। ईरानी जहाजों और उसके ग्राहकों पर नई पाबंदियां लागू कीं। CENTCOM ने बंदर अब्बास स्थित सबमरीन और नेवल मेंटेनेंस फैसिलिटी पर सी-ड्रोन से हमला किया। ईरान की नौसैनिक क्षमता को निशाना बनाया।
होर्मुज पर कंट्रोल नहीं छोड़ेंगे
सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कहा कि होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखेंगे। अमेरिका के दखल और दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच रूस का स्पेशल कमांड एयरक्राफ्ट Tu-214PU तेहरान पहुंच गया है। यह विमान परमाणु या बड़े युद्ध के दौरान राष्ट्रपति और सेना के कमांड सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
ट्रम्प का दावा- मुजतबा खामेनेई 90% खत्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि हालिया अमेरिकी और इजराइली हमलों में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई 90% खत्म हो चुके हैं। साथ ही ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व भी लगभग पूरी तरह खत्म हो गया है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “ईरान के पास अब न नौसेना बची है, न वायुसेना। उसका एयर डिफेंस सिस्टम खत्म हो चुका है और उसके प्रमुख नेता मारे जा चुके हैं।”
ईरानी संसद में बिल पेश
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट से जुड़ा एक बिल संसद में पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि यह बिल होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी की सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक कार्रवाई के लिए पेश किया गया है।
अमेरिका का टोल लगाना कानूनन गलत
अमेरिका के लिए होर्मुज पर टोल लगाना कानूनी रूप से गलत है। इसकी चार बड़ी वजहें हैं। IMO का फैसला है कि होर्मुज पर शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन IMO ने कहा है कि होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक यहां से सभी देशों के जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने का अधिकार है।
समुद्री कानून में टोल अवैध
संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून UNCLOS के तहत होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट में सभी देशों के जहाजों को ‘ट्रांजिट पैसेज’ यानी बिना रोक-टोक आने-जाने का अधिकार है। इस अधिकार पर कोई देश अपनी तरफ से शुल्क या नई शर्तें नहीं लगा सकता। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के विदेश नीति विशेषज्ञ रॉबर्ट केगन का कहना है कि अगर अमेरिका खुद टोल वसूलेगा, तो वह उसी सिद्धांत को कमजोर करेगा जिसके आधार पर वह अब तक ईरान का विरोध करता रहा है। इससे अमेरिका का ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ यानी समुद्री मार्गों पर सभी देशों की स्वतंत्र आवाजाही वाला तर्क कमजोर पड़ जाएगा।
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