गोरखपुर में एक लाख का इनामी ढेर , सिपाही घायल

STF की बड़ी कार्रवाई, कई राज्यों में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में दर्ज थे केस

UP Crime News : STF और पुलिस की संयुक्त टीम की कारर्वाई में सोमवार की देर एक लाख रुपये का इनामी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू ढेर हो गया। इस दौरान मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास STF और पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल का पुलिस से सामना हो गया। उसने भागने की कोशिश की तो टीम ने उसका पीछा किया। इस पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुस्तफिजुल के भी पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।

दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात मुस्तफिजुल की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने 32 बोर की एक पिस्टल, एक बाइक और भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए। मुस्तफिजुल के खिलाफ कई राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास सहित गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2024 में वह महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी फरार होने में कामयाब हो गया था।  रामनगर करजहा में सोमवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार आजमगढ़ निवासी मुस्तफिजुल पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं पुलिस ने बताया कि रहमान वर्ष 2011 से कई मामलों में फरार चल रहा था। वह 2021 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में दर्ज बसपा नेता कमालू की हत्याम के मामले में फरार था।

BSP नेता की हत्या के बाद घोषित हुआ था इनाम

पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से आजमगढ़ निवासी मुस्तफिजुल रहमान पर एडीजी वाराणसी ने बसपा नेता हत्याकांड के बाद एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने समेत 10 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2024 में वह महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी फरार हो गया था।

2003 से शुरू हुआ आपराधिक सफर

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुस्तफिजुल के खिलाफ पहला मुकदमा 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2008 और 2011 में हत्या के प्रयास के मामलों में उसका नाम सामने आया। वर्ष 2012 में हत्या और आपराधिक साजिश के मुकदमे में उसके खिलाफ न्यायालय के आदेश पर CRPC की धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कई राज्यों की पुलिस को उसकी तलाश थी। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


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