रूस में ईंधन संकट गहराया: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, यूक्रेन के हमलों से बढ़ी मुश्किलें, भारत का भी आया नाम

Venäjän polttoainekriisi

तेल निर्यातक रूस में क्यों पैदा हुआ ईंधन संकट?

  Venäjän polttoainekriisi :  दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल रूस इन दिनों गंभीर ईंधन संकट का सामना कर रहा है। जिस देश से कई राष्ट्र अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं, वहीं अब पेट्रोल और डीजल की कमी ने आम लोगों से लेकर किसानों और कारोबारियों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग रही हैं, कुछ इलाकों में ईंधन की राशनिंग शुरू हो चुकी है और लोग सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी साझा कर रहे हैं कि किस पंप पर ईंधन उपलब्ध है।

रूस में यह संकट मुख्य रूप से यूक्रेन द्वारा लगातार किए जा रहे ड्रोन हमलों के बाद गहराया है। इन हमलों में कई प्रमुख तेल रिफाइनरियां और ईंधन डिपो निशाना बने हैं, जिससे देश की रिफाइनिंग क्षमता पर बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार जून के अंत तक रूस की लगभग 28 प्रतिशत रिफाइनिंग क्षमता बंद हो चुकी थी, जिसके कारण पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि साइबेरिया के इरकुत्स्क शहर में लंबी कतारों में खड़े लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन को पोर्टेबल टॉयलेट तक लगवाने पड़े। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पेट्रोल पंपों पर लोगों के बीच बहस और झगड़े तक देखने को मिल रहे हैं। कई ड्राइवर मिलकर ऑनलाइन मैप तैयार कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहां ईंधन मिल रहा है और किस पंप पर भीड़ कम है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी स्वीकार किया है कि देश में मोटर चालकों और व्यापारियों को अभी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि सरकारी तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन निजी पेट्रोल पंपों पर कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। उप प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने भरोसा दिलाया है कि सरकार जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी।

यह भी पढ़ें

USA के लिए कल है बड़े गर्व का पल, इसी दिन बना था यह देश

ईंधन संकट का सबसे ज्यादा असर रूस के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। किसान चिंतित हैं कि डीजल की कमी के कारण फसल कटाई प्रभावित हो सकती है। यदि समय पर कटाई नहीं हुई तो खाद्यान्न उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। वहीं परिवहन और उद्योगों के सामने भी संचालन की चुनौती खड़ी हो गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि रूस अब ईंधन आयात करने की संभावना पर भी विचार कर रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने संकेत दिए हैं कि मॉस्को कई देशों से ईंधन आयात को लेकर बातचीत कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत जैसे बड़े रिफाइनिंग हब इस कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि समुद्री मार्ग से ईंधन रूस तक पहुंचने में कई सप्ताह का समय लगेगा, जिससे तत्काल राहत मिलना आसान नहीं होगा।

युद्ध के बढ़ते खर्च और ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमलों के कारण रूस की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। कभी दुनिया के प्रमुख पेट्रोलियम निर्यातकों में शामिल रूस ने पहले ही पेट्रोल और एविएशन फ्यूल के निर्यात पर रोक लगा रखी है, जबकि अब डीजल निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। रूस की मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ता है। आने वाले समय में यदि रिफाइनरियों पर हमले जारी रहते हैं, तो यह संकट और गहरा सकता है तथा वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

यह भी पढ़ें

बिहार से सफर करने वालों के लिए राहत, रेलवे ने पांच स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए

वैभव सूर्यवंशी डेब्यू काउंटडाउन, संजू-तिलक पर दबाव, किसकी कुर्सी जाएगी?

दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर हथियार मिलने से हड़कंप, दो युवकों से पूछताछ जारी

Spread the love

6 thoughts on “रूस में ईंधन संकट गहराया: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, यूक्रेन के हमलों से बढ़ी मुश्किलें, भारत का भी आया नाम

Comments are closed.

Donald Trump
International Politics

ईरान के खिलाफ ट्रंप का सख्त रुख, परमाणु हथियार और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बड़ा बयान

ईरान को ट्रंप का कड़ा संदेश Donald Trump Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है और आगे भी यही नीति बनी […]

Spread the love
Read More
New Delhi
International

एक तिरंगा, 54 देश, अखंड सफरः ‘सूर्यपथ रिले’ से दिखा भारत का बढ़ता प्रभाव

शाश्वत तिवारी New Delhi: जब दुनिया भर के विभिन्न टाइम ज़ोन में घड़ियों की सुइयां 15 अगस्त की तारीख को छू रही थीं, तब भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा था। समय की सीमाओं को लांघकर और भौगोलिक दूरियों को समेटकर भारतीय राष्ट्रध्वज ने जब ‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल […]

Spread the love
Read More
Washington
International

अमेरिका की ड्रोन डिफेंस पर बड़ा खुलासा, जनरल जारार्ड बोले- ड्रोन हमले से निपटने की तैयारी अधूरी

Washington: अमेरिका की सैन्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक वरिष्ठ अमेरिकी जनरल के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी नॉर्दर्न कमांड के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ जारार्ड ने देश की काउंटर-ड्रोन क्षमता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर होने वाले ड्रोन हमलों से निपटने के लिए […]

Spread the love
Read More