
Taliban in Herat अफगानिस्तान के पश्चिमी शहर हेरात में तालिबान की नैतिकता पुलिस द्वारा महिलाओं पर सख्त ड्रेस कोड लागू करने के लिए चलाए गए व्यापक अभियान ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सड़कों पर सशस्त्र कर्मचारियों की मौजूदगी, वाहनों की जांच और महिलाओं की हिरासत की घटनाओं ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
हेरात में बड़े पैमाने पर अभियान
तालिबान शासन के “नैतिकता प्रचार एवं दुराचार निवारण मंत्रालय (PVPV)” की सशस्त्र टीमों ने शनिवार को हेरात शहर में अभियान चलाया।
- सड़कों पर वाहनों को रोका गया
- महिलाओं की तलाशी ली गई
- चादर/बुर्का न पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया
स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई अचानक और व्यापक स्तर पर की गई, जिससे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चाबुक और हथियारों के साथ सड़कों पर गश्त
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीवीपीवी के कर्मचारी हथियार और चाबुक लेकर सड़कों पर गश्त कर रहे थे। बसों, टैक्सियों और निजी वाहनों को रोककर खासकर महिलाओं के पहनावे की जांच की जा रही थी। 23 वर्षीय एक महिला ने बताया कि उन्होंने कई महिलाओं को जबरन वैन में बैठाते देखा, जबकि वे हिजाब और नकाब पहने हुए थीं, लेकिन चादर नहीं ओढ़ी थी।
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महिलाओं की आवाजाही लगभग बंद
इस अभियान के बाद हेरात में महिलाओं की सार्वजनिक आवाजाही लगभग थम सी गई है। एक टैक्सी ड्राइवर के अनुसार, अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना चादर वाली महिलाओं को वाहन में न बैठाया जाए। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि डर के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और पूरा शहर “खामोशी और भय” में बदल गया है।
UN की गंभीर चिंता
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि कई महिलाओं को हिरासत में लिया गया है और तालिबान से अपील की है कि वह:
महिलाओं के मौलिक अधिकारों का सम्मान करे
- मनमानी हिरासत को तुरंत रोके
- तालिबान का दावा और सफाई
पीवीपीवी मंत्रालय ने हिरासत की पुष्टि नहीं की है। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि हेरात में कुछ भी असामान्य नहीं हो रहा है। ड्रेस कोड अल्लाह का आदेश और देश का कानून है।
बढ़ते प्रतिबंधों से महिलाओं की स्थिति चिंताजनक
अगस्त 2021 में सत्ता में वापसी के बाद से तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं पर प्रतिबंध लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
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शिक्षा पर पाबंदी
- पार्क और जिम में प्रवेश पर रोक
- गैर-महरम के साथ यात्रा पर प्रतिबंध
- सार्वजनिक स्थानों पर सख्त ड्रेस कोड लागू करना
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की आलोचना
मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान की नीतियों की लगातार आलोचना की है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को लगभग सभी सार्वजनिक गतिविधियों से बाहर किया जा रहा है, जिससे अफगानिस्तान में स्थिति 1990 के दशक के शासन की याद दिलाती है।
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