
Russia-Ukraine चार वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति की उम्मीद जगाने वाला एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक खुला पत्र लिखकर आमने-सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया है। युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार जेलेंस्की ने सार्वजनिक रूप से सीधे पुतिन से वार्ता की अपील की है।
तटस्थ देश में बातचीत का सुझाव
अपने पत्र में जेलेंस्की ने कहा कि शांति वार्ता किसी तटस्थ देश में आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने बातचीत के लिए स्विट्ज़रलैंड, तुर्की और किसी अरब देश का नाम सुझाया। उनका कहना है कि बातचीत न तो मॉस्को में होनी चाहिए और न ही कीव में, ताकि निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित किया जा सके। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पुतिन से वार्ता की तारीख तय करने का आग्रह करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहे बड़े और जटिल मुद्दों का समाधान केवल शीर्ष नेतृत्व स्तर पर ही संभव है।
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‘सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं’
जेलेंस्की ने अपने संदेश में यह भी कहा कि यूक्रेन को केवल अमेरिका की पहल का इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा समय में अमेरिका का ध्यान पश्चिम एशिया और ईरान से जुड़े मुद्दों पर अधिक केंद्रित है, इसलिए प्रत्यक्ष संवाद की दिशा में कदम उठाना जरूरी है।
रूस पर लगाए गंभीर आरोप
पत्र में जेलेंस्की ने रूस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि जमीनी मोर्चे पर अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण रूस बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल पर अधिक निर्भर हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस युद्ध को लंबा खींचना चाहता है ताकि उसे रणनीतिक लाभ मिल सके। जेलेंस्की के अनुसार, रूस बेलारूस को भी इस संघर्ष में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है। साथ ही उन्होंने पड़ोसी क्षेत्र ट्रांसनिस्ट्रिया के आसपास तनाव बढ़ाने की कोशिशों का भी उल्लेख किया।
‘युद्ध की भारी कीमत चुका रहा है रूस’
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि लगातार ड्रोन हमलों, महंगाई, ईंधन संकट और आर्थिक दबाव के कारण रूस इस युद्ध की बड़ी कीमत चुका रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध से रूस की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता दोनों प्रभावित हुई हैं। हालांकि, जेलेंस्की ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में यूक्रेन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है और हजारों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है।
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युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली की मांग
जेलेंस्की ने प्रस्तावित वार्ता के लिए कुछ अहम शर्तें भी रखीं। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान पूर्ण युद्धविराम लागू होना चाहिए और दोनों देशों के युद्धबंदियों की अदला-बदली की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने रूस की जेलों में बंद यूक्रेनी नागरिकों की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि मानवीय मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दुनिया की नजर संभावित वार्ता पर
चार साल से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है। ऐसे में जेलेंस्की द्वारा पुतिन को दिया गया सीधा वार्ता प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रूस इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह पहल युद्धविराम की दिशा में कोई ठोस रास्ता खोल पाएगी।
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