अकादमिक विश्व में मात्र दो नक्षत्र

Bashir Badr Biography

पंडित विद्यानिवास मिश्र और बशीर बद्र

अपनी ही रचनाओं को को पाठ्यक्रम में पढ़ कर प्राप्त किए डिग्री

संजय तिवारी
            संजय तिवारी

Bashir Badr Biography : अकादमिक विश्व में ऐसे केवल दो नाम हैं। विश्व के साहित्य के इतिहास में ऐसा अन्यत्र कोई उदाहरण नहीं। एक हैं पंडित विद्यानिवास मिश्र। जब उच्च शिक्षा में पहुंचे तो उनकी खुद की रचना चितवन की छाँव उन्हें अपने ही पाठ्यक्रम में पढ़नी पड़ी। दूसरे हैं डॉ बशीर बद्र। बद्र साहब जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने पहुंचे तो उस समय तक उनकी गजलें वहां के पाठ्यक्रम में आ चुकी थीं। विचित्र स्थिति तो तब हुई जब बशीर बद्र से उनके ही एक शेर की उन्हीं की व्याख्या से परीक्षक असंतुष्ट हो गए। यह सच में रचना की वह ऊर्जा और शक्ति होती है जब रचना की यात्रा समाज से होकर पाठ्यक्रम तक पहुंचती है और पीढिय़ों को उससे अगली यात्रा के लिए पथ मिलता है।

विश्व के साहित्यिक इतिहास में ऐसे उदाहरण कहीं नहीं हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि इन दोनों सृजनकारों के बहुत निकट रह कर इनसे बहुत कुछ सीखा है। पंडित जी और डॉ बशीर बद्र के कई लंबे साक्षात्कार भी लिये हैं। बशीर बद्र साहब के साथ दर्जन भर से ज्यादा मंचों पर काव्यपाठ भी किया है। तीन बड़े कविसम्मेलन और मुशायरों का संचालन कर बशीर बद्र जी को पढ़वाया भी है। यह अलग बात है कि पत्रकारीय जीवन ने मुझे काव्य मंचों पर ज्यादा दिन रहने नहीं दिया।

इन दोनों रचनाकारों से गहरे सान्निध्य में बहुत सी बातें सीखने को मिलीं। पंडित जी और बशीर बद्र , दोनों को ही रचना से जुड़ने का आधार एक ही कृति बनी। ऐसा उनके साक्षात्कारों से पता चला। बशीर बद्र ने कई बार यह चर्चा की थी। उनकी माता जी अवध क्षेत्र की थीं। कविकुल शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी के मानस की अधिकांश चौपाइयाँ, दोहे, सोरठे उन्हें कंठस्थ थे। बद्र साहब का बचपन उन्हीं को सुनते आगे बढ़ा था, ऐसा वह बताते थे। स्वाभाविक है कि बशीर बद्र पर गोस्वामी जी का असर बहुत था। इसीलिए वह जन कवि के रूप में शायरी कर रहे थे जिसमे केंद्र हमेशा मनुष्य और मनुष्यता बने रहे। लोक समाहित रहा। पंडित विद्यानिवास मिश्र के साथ भी लोक और लोक जीवन सदैव जीवित रहा। मुझे गर्व है कि मुझे इन दोनों महाविभूतियों को ठीक से समझ कर जीने का अवसर मिला।

Bashir Badr Biography
यह संयोग भी कहा जा सकता है। ठीक बकरीद यानि ईदुल अजहा के दिन डॉ बशीर बद्र चले गए। उनके निधन की सूचना से साइबर आकाश भर गया। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि की बाढ़ आ गई। यह संख्या करोड़ो में थी किंतु उनके जनाजे अर्थात अंतिम यात्रा केवल 20 लोग शामिल हुए। ऐसा क्यों हुआ, यह गंभीर प्रश्न है। क्या भारत का मुसलमान उन्हें शायर नहीं मानता था ? क्या उनकी नज़र में शायर वह इमरान प्रतापगढ़ी ही हैं जो कुख्यात अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी को अपना आदर्श मान कर कसीदे पढ़ते हैं? या केवल वह मुन्नवर राणा साहब, जो हिंदुओं पर छींटाकशी कर के मुशायरों में वाहवाही लूटते रहे। या वह राहत इंदौरी, जो कहते रहे कि किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है? यहां कोई नाम लिखने का मन नहीं था किंतु प्रसंग आ गया। इस्लामी अकादमिक दुनिया को इसका मूल्यांकन करना चाहिए।

बशीर बद्र आम जनता के शायर हैं। वह कभी नहीं मरने वाले रचनाकार है जो ग़ालिब के बाद अदब की दुनिया के अमर कृतिकारों में शुमार हो गए। भारत में दो ही रचनाकार ऐसे हुए हैं जिनके शेर हमेशा संदर्भ बन कर हाजिर किए जाते हैं। हर महफ़िल में, हर सम्मेलन में, संसद में,भाषण में, तक़रीर में, जुलूस में और बात को पुष्ट करने के लिए बोले जाते हैं, एक हैं दुष्यंत कुमार और दूसरे हैं बशीर बद्र।

कौन कहता है कि आकाश
में सुराख नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीयत
से उछालो यारों ।।

यह हर क्रांति पथ के यात्री, इंकलाबी की पसंदीदा नज़्म है!
डॉ बशीर बद्र को लोग बार बार याद करते है ऐसे!!

उजाले अपनी यादों के
हमारे साथ रहने दो
ना जाने किस गली में
ज़िंदगी में शाम हो जाए।।

कोई हाथ भी ना मिलाएगा।
जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिजाज का शहर है
जरा फासले से मिला करो।।


नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढ़े

राम, कृष्ण की तरह सांवला रूप बनाकर सुंदर बनने की यहां है होड़, जानें पूरा मामला

पार्लर जैसा निखार पाने के लिए लगाएं स्ट्रॉबेरी और शहद का घरेलू फेस पैक

डायरेक्टर के आदेश पर कियारा आडवाणी ने छोड़ी Hi-Hello की आदत, Toxic से जुड़ा खुलासा

डोनाल्ड ट्रंप को बताया गया पूरी तरह स्वस्थ, हेल्थ रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया से जल्द आएगा बुलावा, दिग्गज क्रिकेटर की बड़ी भविष्यवाणी

Spread the love

homeslider Uttar Pradesh

जन्मदिन पर आशुतोष रांका की बढ़ीं मुश्किलें, सौरव दास समेत CJP के 11 नेता हिरासत में

बर्थडे पर जेल जाएंगे आशुतोष रांका? सौरव दास की भी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी, CJP ने गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी New Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी ने दावा किया है कि उसके सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider National

राष्ट्रीय सुरक्षा के फैसले केवल AI पर नहीं छोड़ सकते : राष्ट्रपति मुर्मु

New Delhi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल विज्ञान, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों समेत विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले पूरी तरह AI के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते। उन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच तकनीक के इस्तेमाल में संतुलित […]

Spread the love
Read More
Dehradun
homeslider Uttarakhand

उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाले पर एक साल का प्रतिबंध, निर्माण और बिक्री पर रोक

Dehradun: उत्तराखंड सरकार ने गुटखा और तंबाकू-निकोटिन युक्त पान मसाले पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। 13 अक्टूबर 2026 से लागू इस आदेश के तहत प्रदेश में ऐसे उत्पादों का निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री नहीं की जा सकेगी। सरकार ने यह कदम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा नियमों […]

Spread the love
Read More