
Gupt Navaratri आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026 में आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई की दोपहर से शुरू होकर 15 जुलाई की सुबह तक रहेगी। इसी आधार पर 15 जुलाई 2026 को घटस्थापना की जाएगी और इसी दिन से नवरात्र का आरंभ माना जाएगा। यह पर्व 23 जुलाई 2026 को नवमी तिथि पर समाप्त होगा।
घटस्थापना मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार घटस्थापना का शुभ समय 15 जुलाई को सुबह 06:01 बजे से 10:17 बजे तक रहेगा। इस अवधि में पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।
ये भी पढ़े
शुभ योग : घटस्थापना के दिन कई महत्वपूर्ण शुभ योग भी बन रहे हैं-
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:32 से प्रातः 05:16 तक
अमृत काल: सायं 04:00 से सायं 05:27 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:34 से दोपहर 03:25 तक
किस दिन किस देवी की पूजा होगी
15 जुलाई (प्रतिपदा): शैलपुत्री
16 जुलाई (द्वितीया): ब्रह्मचारिणी
17 जुलाई (तृतीया): चंद्रघंटा
18 जुलाई (चतुर्थी/पंचमी): कूष्मांडा और स्कंदमाता
19 जुलाई (षष्ठी): कात्यायनी
20 जुलाई (सप्तमी): कालरात्रि
21 जुलाई (अष्टमी): महागौरी
22–23 जुलाई (नवमी):सिद्धिदात्री
पूजन विधि
- प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मन को शांत रखें।
- पूजा स्थान को साफ करके मां दुर्गा का ध्यान करें।
- विधिवत रूप से घटस्थापना करें, जिसे नवरात्र का आरंभ माना जाता है।
- दीपक जलाएं और यदि संभव हो तो अखंड ज्योति प्रज्वलित करें।
- मां दुर्गा को पुष्प, अक्षत, रोली, चंदन और नैवेद्य अर्पित करें।
- फल, मिठाई और सात्विक भोजन का भोग श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
- दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का नियमित पाठ करें।
- नवरात्र के नौ दिनों तक नियमपूर्वक पूजा और साधना जारी रखें।
- अंत में मां दुर्गा की आरती करें।
- प्रसाद सभी भक्तों में श्रद्धापूर्वक वितरित करें।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
सपनों की कोई उम्र नहीं! मां ने हासिल की मास्टर डिग्री, बेटी ने दूर बैठकर मनाया जश्न
पत्नी के पहुंचते ही JE के घर मचा हड़कंप
बेअदबी के आरोपी की गला काटकर हत्या
17वें दिन वांगचुक का वजन 8.2kg घटा

