योगी का संदेशः सड़क नमाजघर नहीं, कानून सबसे बड़ा धर्म

Yogi
अजय कुमार                             
अजय कुमार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट और सख्त संदेश दिया है कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। इससे पहले भी सीएम योगी आदित्यनाथ कई बार कह चुके हैं कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी और अगर कोई ऐसा करता है, तो कार्रवाई होगी। योगी ने पहले भी कहा था कि सड़क सार्वजनिक जगह है, वहां ट्रैफिक और लोगों की सुविधा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। यह बयान कोई नया नहीं है, लेकिन हर बार जब यह मुद्दा उठता है, तो योगी की प्रतिक्रिया और भी कड़ी होती जाती है।दरअसल, हाल ही में हैदराबाद के एक मुस्लिम उपदेशक सैय्यद अयूब ने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए उकसाया और सीएम योगी को खुली चुनौती दी। वायरल वीडियो में सैय्यद अयूब ने कहा कि अगर मस्जिदों में जगह कम पड़ जाती है तो लोग सड़कों पर भी नमाज पढ़ सकते हैं, और उन्होंने मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी में हिम्मत है तो मुसलमानों को सड़कों पर नमाज पढ़ने से रोककर दिखाए। इस बयान के बाद राज्य में पुलिस और प्रशासन और भी सतर्क हो गया।

ये भी पढ़े

मॉनसून की एंट्री से पहले मौसम में बड़ा बदलाव, 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट!

लेकिन योगी सरकार ने बिना किसी दबाव के अपना रुख बरकरार रखा कि सड़क किसी के लिए भी नमाज या पूजा की जगह नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पर कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान सार्वजनिक उद्दंडता और माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में शांति, सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित किया जाए और धार्मिक आयोजनों में परंपरागत स्वरूप का ही पालन कराया जाए। ईद-उल-फितर और अलविदा नमाज जैसे बड़े अवसरों पर जब लाखों लोग एकत्रित होते हैं, उस समय भी सरकार ने किसी को भी सड़कों पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दी। मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को सीधे निर्देश दिए गए कि संवेदनशीलता के साथ काम करें, लेकिन कानून से कोई समझौता न हो। सड़क पर नमाज के अलावा योगी सरकार मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के अनियंत्रित उपयोग पर भी सख्त लगाम कसे हुए है। सीएम योगी ने आदेश दिया कि बिना इजाजत के अब लाउडस्पीकर और माइक नहीं लगाए जाएंगे। जो लाउडस्पीकर पहले से इजाजत लेकर लगे हैं, उनकी आवाज धार्मिक परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। नए धार्मिक स्थलों पर नए माइक लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

ये भी पढ़े

आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, लगातार महंगाई से जनता परेशान

यह आदेश किसी एक धर्म को टारगेट करके नहीं था। यह सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू किया गया। मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारा, सबके लिए एक ही नियम। योगी सरकार की सख्ती के बाद धार्मिक स्थलों पर लगे 17 हजार लाउडस्पीकरों की आवाज धीमी हो गई और 125 जगहों से लाउडस्पीकर हटा भी दिए गए। गौरतलब हो कि साल 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर यूपी में 61,399 लाउडस्पीकर चेक किए गए। योगी सरकार के आने के बाद धार्मिक स्थलों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती की गई। मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र में कहा था कि सरकार ने बेवजह के ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया है और सभी धर्मों के लोगों ने स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटाए हैं।

बहरहाल, योगी सरकार ने केवल बयानों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई भी की। नेपाल सीमा से लगे जनपदों में यूपी सरकार ने अवैध रूप से बनी मस्जिदों, मजारों, ईदगाहों और मदरसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने पिछले कुछ समय में 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया। जिन जिलों में यह कार्रवाई हुई, उनमें श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, पीलीभीत, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर चला अवैध कब्जा मुक्त अभियान यह संदेश देता है कि प्रदेश की जमीन पर अनधिकृत कब्जा, चाहे किसी भी धर्म के नाम पर हो, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।गौरतलब हो कि सड़क पर नमाज और लाउडस्पीकर जैसे मुद्दे योगी सरकार की एक बड़ी रणनीति के हिस्से हैं, और वह रणनीति है जीरो टॉलरेंस। 2017 से राज्य में डकैती, लूट, दंगा, हत्या, अपहरण और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में 85 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। 68 माफिया और उनके करीब 1500 सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है और 142 अरब रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि जिस यूपी को कभी माफियाओं का अड्डा माना जाता था, वहां अब कानून का राज स्थापित हो चुका है।

ये भी पढ़े

क्या भारत में शुरू हुआ पेट्रोल संकट? चंडीगढ़ पंप के नोटिस से मचा हड़कंप

यूपी की छवि कुछ वर्ष पहले तक एक ऐसे राज्य के रूप में थी, जहाँ अलग-अलग क्षेत्रों में माफियाओं और बाहुबलियों का दबदबा था। उन्हें या तो राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था या वे खुद राजनेता बन गए थे। लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे में योगी सरकार आने के बाद यहाँ की तस्वीर बदल गई। सरकारी दावों की पुष्टि एनसीआरबी के राष्ट्रीय स्तर के आंकड़े भी कर रहे हैं। एनसीआरबी की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 के मुकाबले यूपी का क्राइम रेट केवल 180.2 है। देश की लगभग 17 प्रतिशत आबादी उत्तर प्रदेश में रहती है, लेकिन कुल अपराधों के मामले में राज्य का स्थान 18वां है। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में आधुनिक पुलिस स्टेशन, एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला हेल्प डेस्क, फास्ट ट्रैक कोर्ट और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है।पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी भी पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ वाला मॉडल लागू करने की बात करते नजर आ रहे हैं।

ये भी पढ़े

प्यार, इश्क और शादी लेकिन प्रेमी के साथ फुर्र हो गई पत्नी

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार पहले से ही सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है और सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति धार्मिक जमावड़ों पर रोक लागू है। यह योगी मॉडल की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। जब अन्य राज्यों की सरकारें यूपी की नीतियों की नकल करने लगें, तो समझिए कि काम हो रहा है। लब्बोलुआब यह है कि योगी आदित्यनाथ का यह रुख कि सड़क किसी की निजी जायदाद नहीं है, न नमाज के लिए और न किसी अन्य धार्मिक कार्यक्रम के लिए, दरअसल संविधान की भावना के अनुरूप है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कानून-व्यवस्था को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि बीते वर्षों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिस व्यवस्था में सुधार से प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। आज का उत्तर प्रदेश वह नहीं है जहाँ अपराधी खुलेआम घूमते थे, जहाँ माफिया राजनीति को नियंत्रित करते थे, जहाँ सड़कें रात को बंद हो जाती थीं। आज का यूपी एक ऐसा प्रदेश बन रहा है जहाँ सबके लिए एक कानून है और उस कानून के सामने न कोई माफिया टिका, न कोई अतिक्रमणकारी और न कोई सड़क पर नमाज पढ़ने की जिद करने वाला।

Spread the love

One thought on “योगी का संदेशः सड़क नमाजघर नहीं, कानून सबसे बड़ा धर्म”

Comments are closed.

Maharajganj
Analysis Uttar Pradesh

तहसील समाधान दिवस में थानेदारों की जगह दरोगाओं को देख SDM ने जताई कड़ी नाराजगी

महराजगंज सदर तहसील में आयोजित उमेश चन्द्र त्रिपाठी Maharajganj Grievance Redressal Day: समाधान दिवस के दौरान सोमवार को उस समय गहमा-गहमी की स्थिति बन गई, जब कई थानों के थानाध्यक्षों के स्थान पर दरोगा प्रतिनिधि बनकर पहुंच गए। सदर SDM अवनीश कुमार त्रिपाठी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दरोगाओं को वापस लौटने के […]

Spread the love
Read More
Astrology homeslider

Nag Panchami 2026: सावन सोमवार पर नाग पंचमी का शुभ संयोग, जानें पूजा का मुहूर्त और आसान उपाय

Nag Panchami 2026: सावन सोमवार पर नाग पंचमी का खास संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय Nag Panchami 2026: आज 17 अगस्त 2026, सोमवार को देशभर में नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस बार नाग पंचमी का दिन इसलिए भी खास है, क्योंकि यह […]

Spread the love
Read More
Today's Horoscope
Astrology homeslider

नाग पंचमी पर सिंह, कन्या राशि के जातक रहें सावधान

Today’s Horoscope  मेष : व्यापारिक नई योजनाओं का प्रारम्भ होगा। बड़े राजनीतिज्ञ लोगों से भेंट होगी। कलात्मक कार्य में रुचि बढ़ेगी। अधिक लोभ, लालच न करें अन्यथा बने काम हाथ से निकल सकते हैं। वृषभ : अपने आप पर विश्वास रखें और नकारात्मक सोच न रखे। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, सफलता अवश्य ही मिलेगी। […]

Spread the love
Read More