सुलभ नेता के नाम से चर्चित संजीव अरोड़ा के घर हुई रेड, जानें पूरा मामला
कुछ ही दिनों में चर्चा में आए अरोड़ा हैं लुधियाना के बड़े व्यापारी
नया लुक संवाददाता
लुधियाना। संजीव अरोड़ा से जुड़े ठिकानों पर आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक, पंजाब में उनके पांच ठिकानों पर एक साथ रेड डाली गई। ED के अनुसार मामला कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी GST बिलों के जरिए मोबाइल फोन खरीद और लेनदेन से जुड़ा है। जांच एजेंसी को शक है कि फर्जी कंपनियों और बिलिंग नेटवर्क के माध्यम से टैक्स चोरी और मनी ट्रेल तैयार किया गया। आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के परिसरों से दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल एजेंसी की कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस मामले में मंत्री या उनकी ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ED कथित GST फर्जीवाड़े और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।
ये भी पढ़े
बॉबी के बंदर को मिला दबंग का साथ, अब टीजर में देखिए क्या है मामला
संजीव का राजनीतिक सफर पंजाब की राजनीति में तेजी से उभरी उन कहानियों में शामिल हो गया है, जहां उद्योग जगत से निकला एक चेहरा सामाजिक सेवा और फिर सक्रिय राजनीति के जरिए मजबूत पहचान बनाने में सफल रहा। औद्योगिक शहर लुधियाना के कारोबारी परिवार से आने वाले संजीव अरोड़ा ने व्यापार, समाजसेवा और राजनीति तीनों क्षेत्रों में अपनी अलग छाप छोड़ी है। अरोड़ा लम्बे समय तक एक्सपोर्ट, रियल एस्टेट और फैशन कारोबार से जुड़े रहे। उनके परिवार का व्यवसाय वस्त्र उद्योग से शुरू हुआ था, जिसे उन्होंने आगे बढ़ाते हुए कई कंपनियों तक विस्तार दिया। रितेश प्रापर्टीज एवं इंडस्ट्रीज लि. के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में उन्होंने उद्योग जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके अलावा महिलाओं के परिधानों के ब्रांड Femella के जरिए उन्होंने फैशन इंडस्ट्री में भी निवेश किया।
ये भी पढ़े
रामायण के ‘केवट’ कौस्तुभ त्रिवेदी को नहीं मिला स्टारडम, गुमनामी में दुनिया को कहा अलविदा
राजनीति में उनकी एंट्री तब चर्चा में आई जब आम आदमी पार्टी ने 10 अप्रैल 2022 को उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा। पार्टी ने उन्हें ऐसे चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया, जो उद्योग, विकास और सामाजिक सेवा का अनुभव रखते हों। राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने पंजाब के उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और एयरपोर्ट परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया। खास तौर पर हलवारा एयरपोर्ट और लुधियाना के विकास कार्यों को लेकर उनकी सक्रियता लगातार चर्चा में रही। राजनीति में उनकी कार्यशैली को एक ‘सुलभ नेता’ के तौर पर देखा गया। उद्योगपति होने के बावजूद उन्होंने खुद को केवल कारोबारी छवि तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर भी लगातार मुखर रहे। बाद में ‘आप’ ने उन्हें लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत की। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर पंजाब की सक्रिय राजनीति में नई भूमिका संभाली। कैबिनेट मंत्री के रूप में भी उन्हें अलग पहचान मिली और वर्तमान में उनके पास कई अहम विभागों की जिम्मेदारी है। खास बात यह है कि उनका राजनीतिक सफर अभी केवल चार साल पुराना है, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने पार्टी और सरकार दोनों में मजबूत जगह बना ली है।
ये भी पढ़े
पूरन और क्रुणाल के वायरल वीडियो का सच आया सामने, अफवाहों पर लगा विराम
‘कृष्ण प्राण ब्रेस्ट कैंसर चैरिटेबल ट्रस्ट’ ने बनाया समाजसेवी
कारोबार और राजनीति के साथ-साथ संजीव अरोड़ा सामाजिक कार्यों में भी काफी लम्बे समय से सक्रिय रहे हैं। अपने माता-पिता को कैंसर के कारण खोने के बाद उन्होंने कैंसर मरीजों की सहायता के लिए एक चैरिटेबल ट्रस्ट की शुरुआत की। करीब 15 साल पहले उन्होंने ‘कृष्ण प्राण ब्रेस्ट कैंसर चैरिटेबल ट्रस्ट’ की स्थापना की, जिसके जरिए कई जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज कराया गया। ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे मरीजों की मदद के लिए उनके प्रयासों की काफी सराहना हुई। वहीं COVID-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
ये भी पढ़े
बॉबी के बंदर को मिला दबंग का साथ, अब टीजर में देखिए क्या है मामला
रामायण के ‘केवट’ कौस्तुभ त्रिवेदी को नहीं मिला स्टारडम, गुमनामी में दुनिया को कहा अलविदा
रामायण के ‘केवट’ कौस्तुभ त्रिवेदी को नहीं मिला स्टारडम, गुमनामी में दुनिया को कहा अलविदा
माया की तर्ज पर बंगाल में सोशल इंजीनियरिंग की राह पर BJP

2 thoughts on “पंजाब के एक मंत्री पर ED की रेड, 100 करोड़ के GST घपले का आरोप”
Comments are closed.