यकीनन…चार मई, दीदी गईः बंगाल को ‘लियारी’ बना गई

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  • वोटरों के कारण ममता ने अपनी सियासी जमीन खोई
  • बंगाल की जनता ने नहीं दिखाई ममता, वोटरों की बर्बरता से हार गईं दीदी

कोलकाता बीजेपी दफ्तर से आशीष द्विवेदी की लाइव रिपोर्ट

ममता बनर्जी ने अपने 15 साल के हुकूमत के दौरान बंगाल को पूरी तरह से गुंडों के हाथ में गिरवी रख दिया था। ये सारे के सारे गुंडे बांग्लादेश से ट्रेंड होकर आए थे और ममता बनर्जी क्रूर सत्ता की नायिका बनकर उभरीं। तोलाबाजी, कटमनी, छप्पा और मानव तस्करी का अड्डा बना दिया। जिस बंगाल को जंग-ए-आजादी के सबसे बड़े हीरो नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रवींद्र नाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चटर्जी, स्वामी विवेकानंद और राजा राम मोहन राय सरीखे अनगिनत मनीषियों और क्रांतिकारियों ने अपने खून-पसीने से सींचा था। बंगाल शुरू से क्रांति की जन्मभूमि रही। अंग्रेजियत की पैठ सबसे पहले बंगाल में ही जमीं और बंगाल ने ही अंग्रेजियत को सर्वप्रथम समूल नाश कर डाला था। ममता बनर्जी ने सीपीएम के 34 साल के काले शासन को बेशक दूर किया, लेकिन ममता ने सीपीएम के मोडस-अपरेंडी को अपनाकर सीपीएम वालों को भी पीछे छोड़ दिया था।

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अगर कहा जाए तो इस देश के सबसे बड़े हिटलर के रूप में इनकी गिनती हो सकती है। किसी की भी बहन, बेटी को इनके गुंडे दिनदहाड़े उठा ले जाते थे और सरेआम उनकी अस्मत लूट लेते थे। इसका सबसे बड़ा उदाहरण आरजीकर मेडिकल कॉलेज है। 8-9 अगस्त 2024 की दरमियानी रात को वहां एक लड़की का बलात्कार हुआ था, जिसमें ममता के रिश्तेदारों का नाम भी उछला था। यही गुंडागर्दी ममता बनर्जी के लिए वाटर लू साबित हुआ और वो बुरी तरह से बंगाल में हार गईं।

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हालांकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती अभी भी जारी है। शुरुआती रुझानों में BJP तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बढ़त बनाए हुए है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस जगह पर झालमुड़ी खाई थी, उस झाड़ग्राम सीट पर बीजेपी आगे चल रही है। फ़िलहाल यहां से BJP प्रत्याशी लक्ष्मी कांत साव 29882 वोटों के साथ सबसे आगे हैं। जबकि TMC के मंगल सारेन BJP प्रत्याशी से 8000 वोट से पीछे हैं। ये शुरुआती रुझान हैं और जैसे-जैसे कई चरणों में वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी इनमें बदलाव आ सकता है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग समाप्त हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी।

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डेटानेट के मुताबिक़ TMC कुल 115 सीटों पर और BJP 166 सीटों पर आगे चल रही है। 294 सीटों की विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की ज़रूरत है, यानी रुझानों में भारतीय जनता पार्टी का आंकड़ा बहुमत के पार हो चुका है। हालांकि अब भी ये रुझान हैं लेकिन अगर TMC चुनाव हारती है तो ये कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। सूबे में साल 2011 से लगातार TMC की सरकार है और ममता बनर्जी इन बीते 15 सालों से राज्य की मुख्यमंत्री हैं। BJP अगर जीतती है तो ये पहला मौक़ा होगा जब वो राज्य में सरकार बनाएगी। पिछली बार TMC को 213 और बीजेपी को 77 सीटों पर जीत मिली थी।


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