गुरुग्राम, जिसे देश की मिलेनियम सिटी कहा जाता है, वहां अब घर या जमीन खरीदना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। हरियाणा सरकार ने शहर के सर्किल रेट में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें 75% तक बढ़ा दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं, जिससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर सीधा असर पड़ेगा। सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री सरकार द्वारा की जाती है। इसी आधार पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है। लंबे समय से गुरुग्राम में सर्किल रेट और बाजार कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा था, जिसके कारण कई जगहों पर संपत्ति की वास्तविक कीमत कम दिखाई जाती थी। अब सरकार ने इस अंतर को कम करने के लिए दरों में बड़ा संशोधन किया है।
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सबसे ज्यादा बढ़ोतरी शहर के प्रीमियम और विकसित इलाकों में देखी गई है। साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के आसपास के सेक्टरों में कीमतों में तेज उछाल आया है। सेक्टर 63, 63A, 64 और 67 में सर्किल रेट लगभग 45% तक बढ़ा दिए गए हैं। वहीं सेक्टर 62, 65, 66 और 69 से 72 तक के इलाकों में करीब 30% की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे बड़ा झटका DLF फेज-5 और सेक्टर 25 जैसे हाई-एंड इलाकों को लगा है, जहां सर्किल रेट 75% तक बढ़ा दिए गए हैं।
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इसके अलावा द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित कमर्शियल और रेजिडेंशियल जमीनों के दामों में भी भारी वृद्धि की गई है। इस फैसले का सीधा असर प्रॉपर्टी खरीदारों पर पड़ेगा। अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए अधिक स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। इससे घर खरीदने की कुल लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। कई खरीदारों को अब अपने बजट पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है, क्योंकि जो प्रॉपर्टी पहले अपेक्षाकृत सस्ती लग रही थी, वह अब महंगी हो जाएगी।
