नया लुक डेस्क
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष लगातार और भीषण होता जा रहा है। आज 31वें दिन भी हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पलटवार और ज्यादा घातक होते जा रहे हैं। इस बीच, मिडिल ईस्ट में फंसे या काम कर रहे भारतीय नागरिक भी इस हिंसा का शिकार हो रहे हैं। कुवैत के बिजली और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट पर रविवार शाम ईरानी हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई। कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि हमले में पावर-प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात ने कहा कि बिजली-पानी संयंत्र को भी भारी क्षति हुई है।
अब तक कितने भारतीयों की मौत?
मिडिल ईस्ट में इस संघर्ष के दौरान यह किसी भारतीय की पहली मौत नहीं है। पहले भी हमलों में कई भारतीय मारे जा चुके हैं। दिल्ली में पिछले हफ्ते आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में खाड़ी देशों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि अब तक अलग-अलग घटनाओं में 7 भारतीयों की मौत हो चुकी थी और 1 भारतीय लापता था। अब कुवैत में हुई यह घटना जोड़कर कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
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इजराइल की ईरान पर बड़ी एयरस्ट्राइक
मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। इजराइल ने हाल ही में ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है। इजराइल ने दावा किया कि उसने 120 से अधिक बम ईरान में उन जगहों पर गिराए हैं, जिनका इस्तेमाल हथियारों की रिसर्च, डेवलपमेंट और प्रोडक्शन के लिए किया जा रहा था। इन हमलों के बाद तेहरान में कई जगहों पर धमाके की आवाज़ें सुनाई दीं और आग के गोले उठते देखे गए। इस बीच मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारत समेत कई देशों के नागरिक इस संघर्ष के बीच जोखिम में हैं।
