उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां महाराजगंज। नेपाल की वर्तमान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली तथा पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी कराकर प्रशंसनीय कार्य किया है। यह नेपाल की जनता की भावनाओं के अनुरूप है। उक्त बातें हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह पाण्डेय ने शनिवार को नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री तथा पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद अपनी प्रक्रिया व्यक्त करते हुए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत व हिंदू विरोधी मानसिकता के व्यक्ति हैं जो चीन व पाकिस्तान के इशारे पर कार्य करते रहे हैं।
ये भी पढ़ें
बुमराह की वापसी से मुंबई को राहत, लेकिन जैक्स-सैंटनर की गैरमौजूदगी बनी चिंता
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
जेन-जी आंदोलन में नेपाल में जो जन-धन की हानि हुई उसमें सबसे बड़े दोषी पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व गृहमंत्री रहे। नेपाल की पूर्ववर्ती सरकार ने अपने शासनकाल में हिंदू विरोधी मानसिकता के लोगों को संरक्षण दिया तथा ईसाई और इस्लामिक कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने के लिए तमाम चर्च और मस्जिदों तथा मदरसों का निर्माण बड़े पैमाने पर हुआ। पूर्व की सरकार ने हिंदुत्व व सनातन धर्म तथा हिंदू राष्ट्र की बात करने वाले लोगों के मनोबल को तोड़ने के लिए विश्व हिंदू महासंघ की अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अस्मिता भंडारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कराकर अपनी मंशा को जाहिर कर दिया था । मुझे विश्वास है कि यदि वर्तमान सरकार ने हिंदूत्व व सनातन धर्म तथा नेपाल राष्ट्र के हित में कार्य किया तो निश्चित रूप से वहां की जनता का भरपूर सहयोग और समर्थन प्राप्त होता रहेगा।
ये भी पढ़ें
IPL 2026 में विराट कोहली के निशाने पर बड़ा रिकॉर्ड, एशिया के नंबर-1 बनने से बस 29 रन दूर
