G7 बैठकः जयशंकर ने ‘ग्लोबल साउथ’ की ऊर्जा चुनौतियों का मुद्दा उठाया

WhatsApp Image 2026 03 27 at 3.16.44 PM

  शाश्वत तिवारी

पेरिस। फ्रांस में आयोजित जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बदलते भू-राजनीतिक हालात का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की बात दोहराई। इसके अलावा डॉ. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव के बीच ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों की रक्षा के लिए भी आवाज बुलंद की। उन्होंने आर्थिक तौर पर कमजोर एवं विकासशील देशों के सामने खड़ी ऊर्जा, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। विदेश मंत्री फ्रांस के अपने समकक्ष जीन-नोएल बैरोट के निमंत्रण पर 26-27 मार्च को फ्रांस की राजधानी पेरिस के पास अब्बाये डेस-वॉक्स-डी-सर्ने के दौरे पर हैं। वह जी7 विदेश मंत्रियों की पार्टनर देशों के साथ होने वाली अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे हैं। उन्होंने इस बैठक से इतर कई देशों के अपने समकक्षों और अन्य प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय बैठकें भी की।

ये भी पढ़ें

बिहार से बड़ी खबर: नीतीश कुमार 30 मार्च को विधान परिषद से इस्तीफा देंगे, जानें वजह और आगे की राजनीति

 

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के उस सत्र को संबोधित किया, जिसमें आमंत्रित साझेदार भी शामिल थे और जिसका विषय वैश्विक शासन में सुधार था। यूएनएससी में सुधार, शांति स्थापना अभियानों को सुव्यवस्थित करने और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने की तात्कालिकता पर जोर दिया। विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ की ऊर्जा चुनौतियों, उर्वरक आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को उठाया। इसके अलावा जी7 बैठक के दूसरे सत्र में विदेश मंत्री ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पर भारत के विचार साझा किए। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. जयशंकर ने एक अन्य एक्स पोस्ट में लिखा, जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दूसरे सत्र में आईएमईसी को लेकर विचार साझा किए गए।

 

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों से पैदा हुई अनिश्चितताएं, ज़्यादा मजबूत व्यापार गलियारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरत को और भी अधिक जरूरी बना देती हैं। इसके साथ ही यूरोपीय संघ, ईएफटीए सदस्यों और ब्रिटेन के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) ने आईएमईसी की उपयोगिता को और बढ़ा दिया है। इस महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी पहल को साकार करने के लिए मिले व्यापक समर्थन और उत्साह की हम सराहना करते हैं।
जयशंकर ने बैठक से इतर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ अहम बैठक की। आनंद ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं ने इस वर्ष की शुरुआत में पीएम कार्नी के भारत दौरे पर आगे बढ़ाई गई साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा जयशंकर ने मेजबान फ्रांस के विदेश मंत्री के साथ विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और शिपिंग सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने जर्मनी के अपने समकक्ष जोहान वाडेफुल, यूक्रेन के अपने समकक्ष आंद्री सिबिहा और कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात की।

दुबई
International

ईरान पर UAE के सीक्रेट अटैक का दावा, वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट से मचा हड़कंप

दुबई : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हालिया संघर्ष के दौरान ईरान पर गुपचुप सैन्य हमले किए थे। हालांकि UAE ने सार्वजनिक रूप से […]

Read More
Untitled 6 copy
homeslider International

ट्रंप के तेवर और मोदी की चेतावनी! क्या दुनिया पर मंडरा रहा है तेल संकट का सबसे बड़ा खतरा?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवर हैं, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने, ईंधन की खपत कम करने और सोना खरीदने से बचने की अपील ने नए सवाल खड़े कर दिए […]

Read More
Untitled 4 copy
homeslider International

युद्ध के बीच चीन की ‘गुपचुप’ तैयारी! अनाज और खाद की जमाखोरी से बढ़ी दुनिया की चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है, वहीं कई देशों में ईंधन, खाद और जरूरी सामानों की सप्लाई पर संकट गहराता जा रहा है। वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित […]

Read More