भारत में ईंधन की कीमतों को लेकर आम जनता की चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में प्राइवेट तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत ₹5 और डीजल की कीमत ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दी है। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब देश अभी ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते वैश्विक तेल संकट से उभरने की कोशिश कर रहा था। सरकारी कंपनियां जैसे IOC, BPCL और HPCL वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बावजूद कीमतों को स्थिर रख रही हैं, लेकिन निजी कंपनियां अपनी लागत को ध्यान में रखते हुए तुरंत दाम बढ़ा रही हैं। नायरा एनर्जी ने अपने देशभर के करीब 6,500 पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू कर दी हैं।
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस वृद्धि का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। यहाँ नायरा के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत अब ₹111.74 और डीजल ₹94.86 हो गई है। पुराने रेट क्रमशः ₹106.74 और ₹91.86 थे। इस अचानक हुई बढ़ोतरी ने वाहन चालकों को हैरान कर दिया है, खासकर उन लोगों को जो प्राइवेट पंपों की बेहतर सर्विस के लिए जाते हैं। जनता में नाराजगी भी तेज है। उपभोक्ता इसे त्योहारों के समय में जेब पर बड़ा झटका मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या निजी कंपनियों पर कोई नियंत्रण नहीं है, जो वे मनमाने ढंग से दाम बढ़ा रही हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत $100 के पार पहुंचा दी है। सरकारी कंपनियां फिलहाल चुनावी या नीति कारणों से दाम स्थिर रख रही हैं, लेकिन निजी कंपनियां अपनी लागत बचाने के लिए तुरंत वृद्धि कर रही हैं। इस बढ़ोतरी के चलते उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे जीवन की रोजमर्रा की चीज़ों पर असर डालती हैं। कई विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि सरकार को निजी कंपनियों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए ताकि आम जनता पर अत्यधिक बोझ न पड़े।
