देश में हवाई यात्रा को आम जनता के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य छोटे और दूरदराज के शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से करीब 4 करोड़ यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
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अब तक जिन शहरों में हवाई सुविधा सीमित या न के बराबर थी, वहां भी जल्द ही फ्लाइट सेवाएं शुरू हो सकेंगी। इसके लिए मौजूदा छोटे एयरस्ट्रिप को अपग्रेड कर आधुनिक एयरपोर्ट में बदला जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹12,159 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही 120 नए गंतव्यों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। इससे यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।
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सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि योजना के तहत 200 आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। खासतौर पर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में इनका निर्माण किया जाएगा, जहां पारंपरिक परिवहन साधनों की पहुंच सीमित है। हर हेलीपैड पर लगभग ₹15 करोड़ का खर्च आएगा और इस पर कुल ₹3,661 करोड़ का निवेश किया जाएगा। सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों को भी प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है। कम लाभ वाले रूट्स पर उड़ान भरने के लिए कंपनियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसे वायबिलिटी गैप फंडिंग कहा जाता है। इसके लिए अगले 10 वर्षों में ₹10,043 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
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इस योजना का सबसे बड़ा फायदा टियर-2 और टियर-3 शहरों को होगा। इन क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी। यह पूरी योजना 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी और इस दौरान कुल ₹28,840 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
