श्रीमद्भागवत अमृत कथा है, जो देवताओं के लिए भी है दुर्लभ

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  • महुली स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम महायज्ञ प्रवचन एवं रामलीला

आशुतोष मिश्रा

संतकबीरनगर। विकास खंड नाथनगर की ग्राम पंचायत महुली स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में चल रहे श्रीराम महायज्ञ प्रवचन एवं रामलीला में शनिवार को  धाम वृन्दावन से पधारी कथा वाचिका सुमन किशोरी ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को बताया। उन्होंने ये भी कहा कि वेदों का सार युगो-युगो से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। कथा वाचिका सुमन किशोरी  ने श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या करते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत अर्थात जो  से युक्त है, अर्थात चैतन्य, सौंदर्य, ऐश्वर्य। यह एक ऐसी अमृत कथा है जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। राजा परीक्षित ने स्वर्ग अमृत की बजाय कथामृत की ही मांग की। कथा के दौरान उन्होंने वृंदावन का अर्थ बताते हुए कहा कि वृंदावन इंसान का मन है कभी-कभी इंसान के मन में भक्ति भाव जागृत होता है। परंतु वह जागृति स्थाई नहीं होती इसका कारण यह है कि हम ईश्वर की भक्ति तो करते हैं, पर हमारे अंदर वैराग्य व प्रेम नहीं होता। इसलिए वृंदावन में जाकर भक्ति देवी तो तरूणी हो गई, पर उसके पुत्र ज्ञान और वैराग्य अचेत और निर्बल पड़े रहते हैं।

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उनमें जीवंतता और चैतन्यता का संचार करने हेतु नारद जी ने भागवत कथा का ही अनुष्ठान किया। जिसको श्रवण करके वह पुनः जीवंत और सफल हो उठे। क्योंकि व्यास  कहते हैं कि भागवत कथा एक कल्प वृक्ष की भांति है जो जिस भाव से कथा श्रवण करता है वह उसे मनोवांछित फल देती है। यह निर्णय हमारे हाथों में है कि हम प्रभु से संसार की मांग करते हैं या करतार की। कथा के दौरान मनमोहक भजनों का गायन भी किया जा रहा है। इस मौके पर कथा के मुख्य यजमान उमेश मद्धेशिया, हनुमान गढ़ी के महंत बाबा गौतम दास, दीलीप यादव, सूरज मिश्र, अजय मद्धेशिया उर्फ भंडारी, हिमांशु द्विवेदी, आचार्य सचिन द्विवेदी, दयाशंकर शर्मा, दीपक तिवारी, डाक्टर सुभाष यादव, आदित्य तिवारी, भगवान सहाय सहित भारी संख्या में नर नारी मौजूद रहे।

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