चक्रवात प्रभावित मेडागास्कर के लिए फिर से ‘संकटमोचन’ बना भारत

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    शाश्वत तिवारी

सैंटियागो। भारत ने चक्रवात ‘फिटिया’ और ‘गेज़ानी’ से बुरी तरह तबाह हुए मेडागास्कर को 30 टन से अधिक मानवीय सहायता भेजी है। यह भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ और ‘महासागर’ विजन के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने वाला कदम है। भारतीय वायु सेना के सी-17 विमान के माध्यम से भेजी गई इस खेप में जीवन रक्षक दवाएं और जरूरी चिकित्सा उपकरण के अलावा लोगों के रहने और खाने से संबंधित सामान भी शामिल है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में एक भरोसेमंद प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले देश (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में काम कर रहा है। इस मदद का उद्देश्य उत्तर-पश्चिमी मेडागास्कर में चक्रवात के कारण आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों को तुरंत मदद प्रदान करना है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा भारत मेडागास्कर के लोगों के साथ खड़ा है। इस साल की शुरुआत में ट्रॉपिकल साइक्लोन फिटिया और गेज़ानी से हुई भारी तबाही के बाद, भारत ने चल रहे राहत कामों में सहायता के लिए मानवीय मदद भेजी है। इंडियन एयर फ़ोर्स का सी-17 एयरक्राफ़्ट 12 टन मेडिकल मदद और 18 टन आपदा राहत सामग्री लेकर एंटानानारिवो में उतरा। इस खेप में जान बचाने वाली दवाएं, सर्जिकल सप्लाई, टेंट, पानी के स्टोरेज टैंक, डिग्निटी किट और रेडी-टू-ईट खाना शामिल है, जो प्रभावित समुदायों को ज़रूरी मदद दे रहा है।

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मेडागास्कर गणराज्य स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा यह मदद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महासागर विजन के तहत साउथ-साउथ कोऑपरेशन के लिए हमारी लंबे समय की दोस्ती और कमिटमेंट को दिखाती है। बता दें कि 6 साल पहले जनवरी 2020 में मेडागास्कर में भयानक साइक्लोन आया था, जिससे जानमाल का काफी नुकसान हुआ था और इससे एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। तब भारतीय नौसेना सबसे पहले मदद लेकर पहुंची थी। भारतीय नौसेना ने काफी तेज और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था और उसे ‘ऑपरेशन वनीला’ नाम दिया गया था। इसके अलावा कोविड19 महामारी के दौरान भारत ने मेडागास्कर को आवश्यक दवाएं, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन गोलियां और भोजन (600 टन चावल) भेजा था। यही नहीं, भारत ने मेडागास्कर के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी उसकी काफी मदद की है।

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