- सीएम ग्राम परिवहन योजना को मंजूरी
योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए ‘सीएम ग्राम परिवहन योजना’ को भी मंजूरी दे दी गई है।
कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए Suresh Khanna ने बताया कि राज्य में प्रॉपर्टी से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए नियम के अनुसार अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले विक्रेता के नाम का मिलान राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी से अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
पहले प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए केवल पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर स्टाम्प पेपर जारी कर दिया जाता था, जिससे कई मामलों में फर्जीवाड़ा होने की शिकायतें सामने आती थीं। अब स्टाम्प पेपर तभी जारी होगा जब यह प्रमाणित हो जाएगा कि संपत्ति बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उस जमीन या मकान का असली मालिक है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से किसी अन्य व्यक्ति की जमीन बेचने जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
कैबिनेट में ग्रामीण परिवहन को बेहतर बनाने के लिए ‘सीएम ग्राम परिवहन योजना’ को भी मंजूरी दी गई है। परिवहन मंत्री Dayashankar Singh ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक कम से कम दिन में दो बार बस सेवा उपलब्ध हो।
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इस योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कामों के लिए शहरों तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।
कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकारी कर्मचारियों के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं। अब सभी कर्मचारियों को हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी अपने छह महीने के मूल वेतन से अधिक राशि शेयर बाजार या अन्य माध्यमों में निवेश करता है, तो उसे इसकी जानकारी सरकार को देनी होगी।
इसके साथ ही सरकार ने आवास से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कांशीराम आवास योजना के तहत बने भवनों की रंगाई-पुताई कराई जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन आवासों का लाभ पात्र लोगों तक ही पहुंचे। अवैध रूप से रह रहे लोगों को वहां से हटाया जाएगा।
