- रमजान के पाक महीने में ईरान समेत खाड़ी देशों के मुसलमान परेशान, इजराइल पर आक्रोश जारी
- श्रीनगर में इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन, वहीं पूरे अरब में तीन दिन के शोक की घोषणा
- ईरान में खामनेई के बेटे को मिला सुप्रीम लीडर का दर्जा, 40 दिनों तक मनेगा शोक
नया लुक डेस्क (श्वेता शर्मा, आशीष द्विवेदी, प्रशांत पाल सूर्यवंशी, धर्मेंद्र सिंह और अंकिता यादव)
तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव/नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी में इजराइल ने निर्णायक भूमिका अदा की है। इजराइल के सैन्य प्रहारों से ईरान बेदम हो चुका है। एक दिन पहले ईरान के एक स्कूल पर भी हमला हुआ था, जिसमें सैकड़ों मासूम बच्चियों की जान चली गई थी। खबर है कि इजराइल अभी भी ईरान के 30 से अधिक ठिकानों पर हमला कर रहा है। जंग जारी है, युद्ध जैसे हालात तब बने हैं जब पूरी दुनिया के मुसलमान रमजान जैसे पाक त्यौहार को मना रहे हैं। ईरान में अबसे 40 दिनों तक शोक की घोषणा की गई है यानी ईद भी शोक के कारण नहीं मनेगी। पूरे अरब में तीन दिनों का शोक रहेगा, यानी ईद खुशी से नहीं मनाई जाएगी। हालांकि भारत का मुस्लिम समाज आराम से और शिद्दत के साथ खुदा की इबादत कर रहा है। उसे भारत में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है। चिंता बस इतनी है कि उनके परिजन खाड़ी देशों में फंसे पड़े हैं। इसी बीच श्रीनगर के मुसलमानों ने प्रदर्शन करके देश विरोधी कृत्य जरूर कर डाला।
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खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई Ali Khamenei की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। ईरानी स्टेट टीवी (Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) ने विशेष प्रसारण में घोषणा की कि अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों में खामेनेई ‘शहीद’ हो गए। प्रस्तुतकर्ता ने भावुक स्वर में यह खबर सुनाई और देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया। साथ ही सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है। IRIB के मुताबिक हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हुई है। देश भर में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है और संवेदनशील इलाकों में सेना तैनात कर दी गई है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ Truth Social पर पोस्ट कर कहा, “अयातुल्ला अली खामेनेई हमारी निगरानी से बच नहीं सका। इतिहास का सबसे क्रूर व्यक्ति मारा गया। यह अमेरिका, इज़राइल और पूरी दुनिया के लिए न्याय है।” ट्रंप ने आगे लिखा कि ईरानी जनता को अब अपना देश वापस लेने का मौका मिला है और साथ ही चेतावनी भी दी कि पूरे हफ्ते भारी बमबारी जारी रहेगी, और जरूरत पड़ी तो उसके बाद भी।
जबकि इज़राइली रक्षा बल (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिमी और मध्य ईरान में 30 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य ढांचे को कमजोर करना बताया गया है। वहीं ईरान सरकार ने कहा है कि खामेनेई की मौत का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। तेहरान में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। धार्मिक स्थलों और प्रमुख शहरों में शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
नया सुप्रीम लीडर: मुज्तबा खामेनेई
ईरानी अधिकारियों ने घोषणा की है कि खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। हालांकि इस नियुक्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है।
कश्मीर के श्रीनगर में प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शिया मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। जबकि इराक के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु की अपील पर कई अरब देशों में तीन दिन के शोक का ऐलान किया गया है। क्षेत्रीय सरकारें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के हापुड़ में ईरान और इजरायल युद्ध को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम का बयान आया है। उन्होंने कहा कि जंग में जीत और हार हो, ये अलग विषय है। युद्ध में मानवता, इंसानियत, जीवन हारती है। हर एक कंट्री एटॉमिक पावर से सुसज्जित है। किसी भी समस्या का समाधान युद्ध नहीं है। समस्याओं के समाधान संवाद से है।
