आमलकी एकादशी व्रत आज: भगवान विष्णु की पूजा से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

राजेन्द्र गुप्ता

द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को व्रत रखा जाता है। इस एकादशी को आमलकी एकादशी, आंवला एकादशी और रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस शुभ दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। इसके अलावा आंवले के वृक्ष का पूजा करना पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए इस दिन आंवले की पूजा और उसका सेवन करना अत्यंत लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा इस दिन से होली का आरंभ हो जाता है। इसी के कारण इसे रंगभरी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने से हर एक दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

आमलकी एकादशी 2026 कब?

द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026 तड़के 12:33 से आरंभ हो रही है, जो 27 फरवरी 2026 की रात 10:32 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि को आधार पर 27 फरवरी 2026, शुक्रवार आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

आमलकी एकादशी 2026 पारण का समय

द्रिक पंचांग के अनुसार आमलकी एकादशी व्रत का पारण 28 फरवरी 2026, शनिवार को सुबह 06:47 से 09:06 बजे के बीच कर सकते हैं। इसके साथ ही द्वादशी तिथि 27 फरवरी को रात 10:32 बजे ही आरंभ हो चुकी होगी।

ये भी पढ़ें

होली पर्व और रमजान पर्व की चुनौती: दोनों त्योहार से बढ़ी संवेदनशीलता

आमलकी एकादशी पर बन रहे शुभ योग

इस साल आमलकी एकादशी पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। बता दें कि इस दिन रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, आयुष्मान योग आदि का निर्माण हो रहा है। इन शुभ संयोगों में पूजा करने के कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है।

सर्वार्थसिद्धि योग : 27 फरवरी को 10:48 ए एम- 28 फरवरी को 06:53 ए एम

रवि योग : 06:48 ए एम से 10:48 ए एम

आयुष्मान योग: आयुष्मान -26 फरवरी से 10:33 पी एम– 27 फरवरी 07:43 पी एम

आमलकी एकादशी पूजा विधि

एकादशी के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर स्नान करें। तत्पश्चात स्वच्छ और सादे वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें और पूजा आरंभ करें।सबसे पहले श्रीहरि का पवित्र जल और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें पुष्प, माला, सुगंध (गंध), पीला चंदन और अक्षत अर्पित करें। फिर फल, मिठाई, तुलसी दल तथा अन्य नैवेद्य समर्पित करें और अंत में जल अर्पित करें। इसके पश्चात घी का दीपक जलाएं और धूप प्रज्वलित करें। श्रद्धा भाव से विष्णु मंत्र, विष्णु चालीसा तथा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। पूजा पूर्ण होने पर भगवान विष्णु की आरती करें और यदि कोई भूल-चूक हुई हो तो क्षमा प्रार्थना करें। पूरे दिन नियम और श्रद्धा के साथ व्रत का पालन करें। अगले दिन प्रातः स्नान करके पुनः भगवान विष्णु की पूजा करें और शास्त्रीय विधि के अनुसार व्रत का पारण करें।

ये भी पढ़ें

इंडिगो की उड़ान, कर रही हलकान, चार घंटे रनवे पर यात्री हुए बेजान

आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व

आमलकी एकादशी का मुख्य महत्व भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष से जुड़ा है। पुराणों के अनुसार, आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु विराजमान रहते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं, आयु बढ़ती है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। काशी में इस दिन से होली की शुरुआत होती है, इसलिए इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। व्रत से सात्विक जीवन, स्वास्थ्य और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

homeslider International

अमेरिका में डबल ट्रैजेडी: पत्नी की हत्या के बाद पूर्व गवर्नर ने खुद को मारी गोली

वाशिंगटन। अमेरिका के वर्जीनिया से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां वैवाहिक विवाद ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं। जस्टिन एडवर्ड फेयरफैक्स, जो राज्य के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर रह चुके हैं, ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस के […]

Read More
homeslider International

हरिपुर इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ा धमाका, आग से मचा हड़कंप

पेशावर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुवार को एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। हरिपुर जिले के हत्तर इंडस्ट्रियल एस्टेट में गैस पाइपलाइन में हुए जोरदार विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह धमाका ग्रैंड ट्रंक रोड […]

Read More
homeslider International

होर्मुज में जहाजों पर हमला ‘अस्वीकार्य’: UN में भारत की कड़ी चेतावनी, 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा पर जताई चिंता

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत ने वैश्विक मंच पर कड़ा रुख अपनाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में चल रही मध्य पूर्व की स्थिति पर बहस के दौरान भारत ने साफ शब्दों में कहा कि समुद्री व्यापार और निर्दोष नाविकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं […]

Read More