आदेश शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सदन में कहा कि जिले स्तर के अधिकारी और थानेदार जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते, जिससे जनता की समस्याओं का समाधान प्रभावित हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि थानेदार हमारा फोन ही नहीं उठाते। कई बार पुलिस अधीक्षक (SP) फोन उठा लेते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में बात नहीं हो पाती। हम चाहते हैं कि इस सदन से स्पष्ट आदेश दिया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों की बात सुनी जाए। ये पहला मामला नहीं है, जब सदन में अफसरों की कारगुजारी का मुद्दा उठा है। इससे पहले भी ये मुद्दे पटल पर आ चुके हैं, लेकिन अफसर हैं कि मानते ही नहीं…। वो फोन उठाना अपनी मानहानि मान बैठे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद कई जिलों में अधिकारी सीधे संवाद से बच रहे हैं। उनका कहना था कि SP का फोन अक्सर पीआरओ उठाता है। वहीं जिलाधिकारी (DM) का फोन स्टेनो द्वारा रिसीव किया जाता है। नेता प्रतिपक्ष के अनुसार यही स्थिति स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि जब किसी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को फोन किया जाता है तो सहयोगी यह कहकर बात टाल देते हैं कि अधिकारी मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला कृषि अधिकारी समेत कई अधिकारियों ने भी यही व्यवस्था अपना ली है और CUG नंबर होने के बावजूद फोन नहीं उठाए जाते। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों और आम जनता से संवाद नहीं करेंगे तो शासन की मंशा जमीन पर लागू नहीं हो पाएगी। उन्होंने सरकार से अधिकारियों को जवाबदेह बनाने और फोन रिस्पॉन्स प्रणाली को प्रभावी करने की मांग की। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के बाद अब सरकार की ओर से संभावित निर्देशों पर नजर बनी हुई है।
प्रमुख सचिव से भी बात नहीं कराते डीएम के सहयोगी
जिले में तैनात अफसरों का जलवा एक उदाहरण से समझा जा सकता है। प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू एक जिले की जिलाधिकारी से बात करना चाह रही थीं, लेकिन कई बार पीए द्वारा कॉल करने के बावजूद सम्पर्क नहीं हो सका। बाद में जब प्रमुख सचिव ने स्वयं फोन किया, तब जाकर बातचीत हो पाई। एक विधायक कई बार पुलिस कप्तान से बात करना चाहे, लेकिन PRO ने उनसे बात कराने का कई वायदा किया, लेकिन वो बात नहीं करा सका।
