राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में आया ऐतिहासिक उछाल

GEbhyD1WkAE8mo8

 

  • राम मंदिर पर आईआईएम लखनऊ की विस्तृत केस स्टडी ने साबित किया प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन, निवेश, रोजगार और राजस्व में हुई व्यापक वृद्धि
  • अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का किया गया तुलनात्मक विश्लेषण, मंदिर निर्माण से पूर्व पवित्र तीर्थस्थान तक सीमित थी अयोध्या की पहचान, प्राण प्रतिष्ठा के बाद आर्थिक गतिविधियों में आया अभूतपूर्व उछाल
  • पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व ₹20,000-25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान, आतिथ्य, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में हुआ तीव्र विस्तार
  • मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में हुआ ₹1 लाख करोड़ से अधिक का व्यापारिक कारोबार, महत्वपूर्ण रही अयोध्या की हिस्सेदारी, प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से आतिथ्य और उससे जुड़े उद्योगों को मिली नई गति, 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे हुए स्थापित
  • प्रतिष्ठित होटल चेन्स ने अयोध्या में विस्तार योजनाओं को बढ़ाया आगे, ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में चार गुना तक दर्ज की गई वृद्धि, स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में तेज उछाल से कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला
  • लगभग 6,000 एमएसएमई स्थापित हुए, अगले 4–5 वर्षों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का अनुमान, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय ₹2,500 तक पहुंची, रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तीव्र वृद्धि

लखनऊ, 17 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘टेंपल इकॉनमी मॉडल’ पर भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (आईआईएम लखनऊ) ने अपनी मुहर लगाई है। आईआईएम लखनऊ की ताजा अध्ययन रिपोर्ट “इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या” (अयोध्या का आर्थिक पुनर्जागरण) बताती है कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापक आर्थिक सक्रियता, निवेश प्रवाह और रोजगार सृजन देखने को मिला है। अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए यह दर्शाया गया है कि धार्मिक अवसंरचना, यदि सुविचारित नीति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से जुड़ जाए, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला उत्प्रेरक बन सकती है। गौरतलब है कि 2017 में प्रदेश की कमान संभालने के बाद सीएम योगी ने टेंपल इकॉनमी को तेज गति दी और अयोध्या में मंदिर निर्माण के साथ-साथ आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर देकर आर्थिक समृद्धता के रास्ते खोल दिए।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

ये भी पढ़ें

BSP सुप्रीमो ने संगठन में किया बड़ा फेरबदल, कई राज्यों व मंडलों के नए प्रभारी नियुक्त

 

मंदिर से पहले दायरे में सिमटी अयोध्या की अर्थव्यवस्था

अध्ययन के अनुसार, मंदिर निर्माण से पूर्व अयोध्या की पहचान मुख्यतः एक पवित्र तीर्थस्थान तक ही सीमित थी, जहां आगंतुकों की वार्षिक संख्या लगभग 1.7 लाख के आसपास ठहर जाती थी। स्थानीय बाजार छोटे पैमाने पर संचालित होते थे और अधिकांश दुकानदारों की औसत दैनिक आय ₹400–₹500 के बीच सीमित थी, जिससे आर्थिक गतिविधि का दायरा संकुचित बना रहता था। राष्ट्रीय स्तर की होटल श्रृंखलाओं की उपस्थिति लगभग नगण्य थी, रेलवे स्टेशन बुनियादी सुविधाओं तक सीमित था और हवाई अड्डे का अभाव क्षेत्र की कनेक्टिविटी को प्रभावित करता था। रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन, एक सामान्य प्रवृत्ति बन चुका था। पर्यटन से होने वाला राजस्व राज्य की व्यापक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान नहीं दे पा रहा था और अचल संपत्ति बाजार में भी ठहराव की स्थिति दिखाई देती थी। कुल मिलाकर, अयोध्या की आर्थिक संरचना पारंपरिक तीर्थ-आधारित गतिविधियों तक सीमित थी, जिसमें विस्तार और निवेश की संभावनाएं स्पष्ट रूप से अविकसित थीं।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व उछाल

अध्ययन के अनुसार, जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की आर्थिक तस्वीर ने तेजी से करवट ली। रिपोर्ट बताती है कि पहले ही छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया, जिसने स्थानीय बाजार, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया। अब अयोध्या में वार्षिक स्तर पर 5–6 करोड़ आगंतुकों की संभावना जताई गई है, जो अयोध्या को देश के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा करती है। यहां लगभग ₹85,000 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं, जिनका प्रभाव केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं, बल्कि निवेश और सेवा क्षेत्र तक फैला हुआ है। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी व्यापक निवेश हो रहा है। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक रेलवे स्टेशन, विस्तारित सड़क नेटवर्क और नगर सौंदर्यीकरण के कार्य प्रगति पर हैं। सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा जैसी पहलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे अयोध्या को “मॉडल सोलर सिटी” के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें

राजधानी में कूड़े से हो रही जमीन की भराई, बदबू और बीमारियों से परेशान लोग

अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में मिली नई पहचान

आईआईएम की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक उत्तर प्रदेश में पर्यटन व्यय ₹4 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें अयोध्या की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व ₹20,000-25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। आतिथ्य, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में तीव्र विस्तार हुआ है। साथ ही, अयोध्या ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नई पहचान प्राप्त की है, जहां प्रवासी भारतीय, शोधकर्ता और वैश्विक श्रद्धालु आकर्षित हो रहे हैं।

आतिथ्य क्षेत्र में निवेश का नया दौर

अध्ययन बताता है कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही। प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने आतिथ्य और उससे जुड़े उद्योगों को नई गति दी है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हुए हैं, जबकि देश-विदेश की प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाएं ताज होटल्स, मैरियट इंटरनेशनल और विंडहैम होटल्स एंड रिसॉर्ट्स ने अयोध्या में अपने विस्तार की योजनाएं घोषित की हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर अयोध्या के लिए बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में तेज उछाल आया है, जिससे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

उद्यमिता और रोजगार पर भी पड़ा प्रभाव

आईआईएम रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक सक्रियता का प्रभाव उद्यमिता और रोजगार सृजन में भी स्पष्ट है, विशेषकर युवाओं के बीच। लगभग 6,000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) या तो नए रूप में स्थापित हुए हैं या पुनः अयोध्या लौटे हैं। अनुमान है कि अगले 4–5 वर्षों में पर्यटन वृद्धि के कारण पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन होगा। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय ₹2,500 तक पहुंच गई है। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है, जहां मंदिर के आसपास संपत्ति मूल्यों में पांच से दस गुना तक उछाल देखा गया है, जिससे देशभर के निवेशकों का ध्यान आकर्षित हुआ है।

ये भी पढ़ें

सेंसेक्स 174 अंक उछला, निफ्टी भी तेज, निवेशकों ने कमाए ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा

 

आस्था से अर्थव्यवस्था तक, बदलती विकास अवधारणा

रिपोर्ट संकेत देती है कि अयोध्या का विकास अब केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। अध्ययन में यह रेखांकित किया गया है कि धार्मिक विरासत आधारित विकास मॉडल, यदि सुव्यवस्थित निवेश, प्रशासनिक समन्वय और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ लागू किया जाए, तो वह स्थानीय अर्थव्यवस्था में व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन ला सकता है। अयोध्या का अनुभव दर्शाता है कि सांस्कृतिक और धार्मिक परियोजनाएं योजनाबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से पर्यटन, रोजगार और निजी निवेश को गति देकर बहुस्तरीय आर्थिक वृद्धि का आधार बन सकती हैं। अयोध्या में आधारभूत संरचना, पर्यटन सुविधाओं और निवेश माहौल में व्यापक बदलाव देखने को मिला, जिसने इस तीर्थनगरी को विकास की मुख्यधारा में अग्रिम पंक्ति पर ला खड़ा किया है।

 

 

Spread the love

Congress Membership Drive
Politics Uttar Pradesh

महराजगंज जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर कांग्रेसियों ने विजय सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में की मासिक बैठक

13 जुलाई को दिन सोमवार को कांग्रेस पार्टी का जनपद मुख्यालय पर एक बड़ा धरना प्रदर्शन करने का निर्णय उमेश चन्द्र त्रिपाठी Congress Membership Drive : आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिला कांग्रेस कमेटी दफ्तर पर जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में मासिक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विगत दिनों उत्तर प्रदेश के […]

Spread the love
Read More
Chandrima Bhattacharya TMC resignation
Politics

बंगाल की सियासत में बड़ा झटका, TMC अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

TMC नेता का इस्तीफा, बंगाल की राजनीति में हलचल Chandrima Bhattacharya TMC resignation : कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब पार्टी की वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया। चंद्रिमा को हाल ही […]

Spread the love
Read More
BJP
Analysis homeslider Politics Raj Dharm UP

BJP अध्यक्ष का चार-पाँच को लखनऊ दौरा, चुनाव प्रभारी का नाम होगा तय!

BJP अध्यक्ष का चार-पाँच को लखनऊ दौरा, चुनाव प्रभारी का नाम होगा तय!भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का चार और पांच जुलाई को होने वाला लखनऊ दौरा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव की आहट माना जा रहा है। आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह […]

Spread the love
Read More