
Ranchi झारखण्ड में एक आश्चर्य जनक घटनाक्रम में राज्य के वित्त मंत्री जो वर्तमान में कांग्रेस पार्टी से पलामू के पाटन छतरपुर से विधायक हैं, राधाकृष्ण किशोर ने अपनी पुलिस सुरक्षा वापस करने का फैसला किया है। यह सुनकर झारखण्ड की जनता को ऐसा लग सकता है कि शायद राधाकृष्ण किशोर वीआईपी कल्चर छोड़ने की मिसाल पेश कर रहे हैं। लेकिन मामला कुछ और ही है। वित्त मंत्री महोदय ने अपने काफिले के लिए पांच अतिरिक्त गाड़ियों की मांग की थी।

मुख्य मंत्री हेमन्त सोरेन के द्वारा मांग नहीं पूरी हुई तो राधा कृष्ण किशोर “नाराज़ फूफा” बनकर अपने अंगरक्षक ही वापस कर दिए। यानी समस्या सुरक्षा की नहीं गाड़ियों की संख्या की है। झारखंड में मंत्री हों या अधिकारी सभी अब भी सामंती मानसिकता से बाहर निकलते नहीं दिख रहे हैं। राजधानी रांची में गरीब भोली भाली आम जनता प्रतिदिन सायरन और लंबे-लंबे काफिलों में फंसकर परेशान होती रहती है। सत्ता के गलियारों में गाड़ियों की संख्या ही अब भी प्रतिष्ठा का पैमाना बनी हुई है।
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