घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में BSE Sensex 173.81 अंकों की बढ़त के साथ 83,450.96 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 42.65 अंक चढ़कर 25,725.40 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में यह मजबूती व्यापक रही, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का अच्छा रुझान दिखा। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स में 0.31% की तेजी दर्ज की गई, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.86% तक उछल गया। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशक केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों में भी भरोसा दिखा रहे हैं।
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बाजार की इस तेजी में कई दिग्गज कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई। ITC Limited, Bharat Electronics Limited और Infosys जैसे शेयरों में मजबूती ने सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा दिया। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सन फार्मा और मारुति सुजुकी जैसे शेयर भी बढ़त में रहे। हालांकि बाजार पूरी तरह एकतरफा नहीं था। Reliance Industries, Tata Steel और Axis Bank समेत कुछ अन्य बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे उनकी कीमतों में गिरावट आई।
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तेजी का सबसे बड़ा असर निवेशकों की दौलत पर दिखा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर लगभग ₹470 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया। पिछले सत्र की तुलना में इसमें ₹1 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में अच्छी-खासी बढ़त हुई। करेंसी बाजार की बात करें तो भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 90.69 पर बंद हुआ। घरेलू इक्विटी बाजार में सकारात्मक माहौल और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रुपये को सहारा मिला। हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की मजबूती के कारण रुपये की तेजी सीमित रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहे और विदेशी पूंजी प्रवाह स्थिर हुआ, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है।
