- विरोध में उतरे दयाल फार्म के निवासी, कई लोगों को हो चुकी है डायरिया की बीमारी
मनीष अग्रहरि
लखनऊ। राजधानी में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। शहर के दयाल फार्म क्षेत्र में गोशाला निर्माण के लिए आवंटित जमीन की भराई मिट्टी की बजाय कूड़े से किए जाने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वजह से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है और लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार सरकार द्वारा दयाल फार्म के पास गोशाला के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन ठेकेदार ने नियमों को दरकिनार करते हुए मिट्टी की जगह कूड़े से जमीन की पटाई शुरू कर दी। हालात ऐसे हैं कि आसपास के घरों में तेज बदबू फैल रही है, जिससे लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों का दावा है कि गंदगी और बदबू के कारण कई निवासियों को डायरिया और बुखार जैसी शिकायतें हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है। दयाल फार्म निवासी आचार्य राकेश पांडेय ने कुछ दिन पहले जिलाधिकारी से इसकी लिखित शिकायत की थी। वहीं सोसायटी के सचिव प्रशांत पाल सूर्यवंशी ने भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्रीय लोग इस मामले में तत्काल जांच और कूड़े से की जा रही भराई पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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कूड़े की गाड़ियां रोककर किया विरोध
प्रशासनिक अनदेखी से नाराज लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। स्थानीय निवासियों ने कूड़ा लेकर पहुंच रही गाड़ियों को रोक दिया और विरोध प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए कूड़ा डालने का काम बंद रहा, लेकिन बाद में फिर से शुरू होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजधानी में, वह भी प्रशासन के ठीक “नाक के नीचे” इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है। उनका सवाल है कि जब राजधानी में यह स्थिति है तो दूरदराज क्षेत्रों में हालात कैसे होंगे।
