Entertainment : बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। दशकों से इंडस्ट्री पर राज कर रहे इस महानायक की चमकदार सफलता के पीछे एक ऐसा दौर भी छिपा है, जिसे याद करना आज भी उन्हें तकलीफ देता है। वही दौर, जिसने उनके बेटे अभिषेक बच्चन की जिंदगी की दिशा हमेशा के लिए बदल दी। 90 के दशक के आखिर में अमिताभ बच्चन का ड्रीम प्रोजेक्ट अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) बुरी तरह फ्लॉप हो गया। देखते ही देखते बिग बी करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गए। हालात इतने खराब थे कि घर की कुर्की की नौबत आ गई थी। लेनदार रोज दरवाजे तक पहुंचने लगे और मानसिक दबाव असहनीय हो गया। खुद अमिताभ ने इसे अपने करियर का “सबसे अंधेरा दौर” बताया।
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इसी समय अभिषेक बच्चन अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। पिता की हालत जानने के बाद उन्होंने बिना किसी हिचक के अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। लिबरल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स की डिग्री अधूरी रह गई, लेकिन परिवार की जिम्मेदारी सबसे ऊपर थी। स्टार किड होने के बावजूद अभिषेक ने आसान रास्ता नहीं चुना। फिल्मों में संघर्ष के दौरान उन्होंने प्रोडक्शन बॉय तक का काम किया। सेट पर चाय बनाना, छोटे काम करना और हर मौके से सीखना—उन्होंने कुछ भी छोटा नहीं समझा। उनका मकसद सिर्फ एक था, अपने पिता को उस अंधेरे दौर से बाहर निकालना।
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धीरे-धीरे अमिताभ बच्चन ने फिर से काम शुरू किया। एक-एक प्रोजेक्ट लिया और कर्ज चुकाया। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने उन्हें नई पहचान दी और वह पहले से भी ज्यादा मजबूत बनकर लौटे। आज बिग बी न सिर्फ सुपरस्टार हैं, बल्कि संघर्ष से उबरने की मिसाल भी।वहीं अभिषेक बच्चन ने भी खुद को सिर्फ अभिनेता तक सीमित नहीं रखा। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने बिजनेस की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई। आज उनकी गिनती सफल अभिनेता-उद्यमियों में होती है और वह विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय के पति हैं।
