गौतमबुद्धनगर : ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर खतरनाक 90 डिग्री मोड़ ने हादसे को दावत दे दी। कासना इलाके में शनिवार देर रात घने कोहरे के कारण एक कार सीधी नाले में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि नाले में पानी कम था, जिससे कार सवार दोनों लोगों की जान बच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार को बाहर निकलवाया। यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है, जब कुछ ही हफ्ते पहले नोएडा सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की जान इसी तरह के ब्लैक स्पॉट पर जा चुकी है। इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा के कई खतरनाक मोड़ों पर अब भी चेतावनी संकेत न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक इटावा निवासी सुनील कुमार शनिवार रात करीब 3 बजे अपनी कार से लूक्सर से परी चौक की ओर जा रहे थे। कार ओला टैक्सी से जुड़ी हुई थी और वाहन चला रहे थे रिजवान। जब वे इकोटेक-6 क्षेत्र में ओप्पो कंपनी की ओर से भाटी गोल चक्कर की तरफ बढ़ रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण सड़क की विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। बताया जा रहा है कि गोल चक्कर से पहले अचानक 90 डिग्री का मोड़ आता है, लेकिन वहां न तो कोई साइन बोर्ड लगा है और न ही पर्याप्त रिफ्लेक्टर। कोहरे में मोड़ नजर नहीं आया और कार सीधे नाले में गिर गई।
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गनीमत यह रही कि नाले में पानी की मात्रा कम थी और बहाव भी धीमा था। कार नाले में गिरने के बाद सीधी खड़ी हो गई, जिससे दोनों सवार सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इसके बाद तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कासना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकलवाया गया। रविवार सुबह जब प्रशासन को घटना की जानकारी मिली तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। अस्थायी तौर पर नाले के पास लकड़ी की बल्ली लगाई गई और उस पर रिफ्लेक्टर टेप चिपकाई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है, लेकिन स्थायी इंतजाम अब तक नहीं किए गए।
