Budget Highlights in Hindi : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आम बजट पेश किया, जिसमें स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले किए गए। बजट का सबसे बड़ा असर तंबाकू और पान-मसाला उद्योग पर देखने को मिला है। सरकार ने पान-मसाले पर नया स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (सेस) लगाने का ऐलान किया है, वहीं सिगरेट पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया गया है।
पान-मसाले पर लगेगा अतिरिक्त सेस
बजट प्रस्तावों के अनुसार, 1 फरवरी से पान-मसाले के निर्माण पर 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस लगाया जाएगा। इस सेस की गणना पान-मसाला बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी। जीएसटी और सेस को मिलाकर पान-मसाले पर कुल टैक्स बोझ 88 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
सरकार को उम्मीद है कि इस नए उपकर से वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 14,000 करोड़ रुपये की आय होगी। बजट दस्तावेजों में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के फरवरी और मार्च महीने में ही सरकार को इससे 2,330 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।
पूर्व आर्मी चीफ की किताब पर संसद में संग्राम, राहुल गांधी बनाम राजनाथ सिंह के बीच तीखी बहस
सिगरेट के दाम में भारी बढ़ोतरी
बजट के बाद सिगरेट पीने वालों को बड़ा झटका लगा है। अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होने के चलते रविवार से सिगरेट के दाम प्रति 10 सिगरेट के पैकेट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये तक बढ़ गए हैं। वितरकों के मुताबिक, 76 मिमी लंबाई वाली प्रीमियम सिगरेट अब 10 सिगरेट के पैकेट पर 50 से 55 रुपये तक महंगी हो गई हैं।
हालांकि, सिगरेट कंपनियों ने अभी नई अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पुराने स्टॉक पर खुदरा विक्रेताओं को 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ बिलिंग की जा रही है।
लोकप्रिय ब्रांड्स पर असर
व्यापारियों के अनुसार, मीडियम सेगमेंट की लोकप्रिय सिगरेट ‘विल्स नेवी कट’ की कीमत अब 95 रुपये से बढ़कर करीब 120 रुपये प्रति पैकेट हो सकती है। वहीं, ‘गोल्ड फ्लेक लाइट्स’, ‘विल्स क्लासिक’ और ‘विल्स क्लासिक माइल्ड्स’ जैसी सिगरेटों की कीमत 170 रुपये से बढ़कर 220–225 रुपये प्रति पैकेट तक जा सकती है। पतली सिगरेट ‘क्लासिक कनेक्ट’ के 20 सिगरेट वाले पैकेट की कीमत भी 300 से बढ़कर करीब 350 रुपये होने की संभावना है।
