- न्यायालय ने एक सप्ताह में अधीक्षक से मांगी आख्या
- पहले भी हो चुकी कई जेलों से बंदियों की गलत रिहाई
- DG जेल व परिक्षेत्र DIG को दिए कार्यवाही करने का निर्देश
नया लुक संवाददाता
लखनऊ। जेल अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की हीलाहवाली और लापरवाही के आए दिन नए नए मामले सामने आ रहे है। जेलों में गलत रिहाई के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। बांदा जेल प्रशासन के अधिकारियों ने एक पश्चिम के खूंखार अपराधी रवि काना को बी वारंट होने के बावजूद जेल से रिहा कर दिया। इस लापरवाही के लिए न्यायालय ने बांदा जेल अधीक्षक से आख्या मांगी और परिक्षेत्र डीआईजी और डीजी जेल को कार्यवाही करने का भी निर्देश दिया है।
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जेल अधीक्षक बांदा और डीजी जेल को गौतमबुद्धनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विचाराधीन बंदी रविन्द्र सिंह उर्फ रवि नगर उर्फ रवि काना को प्रशासनिक आधार पर गौतमबुद्धनगर जेल से बांदा जेल भेजा गया था। गौतमबुद्धनगर एक बाद का बी वारंट 28.01.26 को जेल को प्राप्त हुआ। इसके बाद उसे 29.0126 को शाम 18:39 को गलत रिहा कर दिया।
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न्यायालय ने इस गलत रिहाई के लिए जेल अधीक्षक से 6 फरवरी तक आख्या देने और परिक्षेत्र डीआईजी और डीजी जेल से लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने जेल अधीक्षक से तीन बिंदुओं पर आख्या पेश करने के साथ चेतावनी भी दी है कि क्यों न इस लापवाही के लिए आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। गौरतलब है कि इससे पूर्व प्रयागराज जिला जेल, बिजनौर जेल समेत अन्य कई जेलों मे गलत रिहाई की घटनाएं हो चुकी है। लखनऊ जेल मेवाती गलती से एक विदेशी कैदी तक को गलत रिहा कर दिया गया था।
