- FSL रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, बरेली हिंसा में पुलिस पर हुआ था ‘प्लान्ड’ हमला
लखनऊ। बरेली मुद्दे की तफ्तीश कर रही UP Police के हाथ कुछ अहम सबूत लगे हैं। ये सबूत दंगे के मुख्य आरोपी तौकीर रजा के लिए काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि अब ये सबूत तौकीर के आपराधिक जीवन और दंगाई भाषणों के ताबूत में आखिरी कील साबित सकते हैं। बरेली हिंसा मामले में FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सितंबर 2025 में हुई हिंसा के दौरान पुलिस बल पर किया गया हमला पूर्व-नियोजित (प्लान्ड) था। जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि उपद्रवियों ने पुलिस पर तेजाब और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा के दौरान पुलिस को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटनास्थल से मिले नमूनों की फॉरेंसिक जांच में एसिडिक केमिकल और ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी पाई गई है।
इस खुलासे के बाद मामले की साजिश और गंभीरता को लेकर जांच एजेंसियों का रुख और सख्त हो गया है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के मद्देनज़र तौकीर रजा से जुड़े मामलों में आने वाले दिन कानूनी तौर पर बेहद अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी तैयारी के साथ किया गया था। अब एफएसएल रिपोर्ट को चार्जशीट का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। बरेली हिंसा के इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
