- सुनहरी नगर नगला प्रेमी मोहल्ले में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित सुनहरी नगर नगला प्रेमी मोहल्ले में रहने वाले 70 वर्षीय गंगा सिंह, उनकी 65 वर्षीय पत्नी श्यामा देवी, 23 वर्षीय बेटी ज्योति व 40 वर्षीय बहू रत्ना देवी का बेरहमी से कत्ल कोई और नहीं बल्कि गंगा सिंह के बेटे कमल सिंह ने ही किया था। इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खूनी बेटे कमल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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हालांकि पुलिस जांच में जुटी पुलिस को पहले ही शक था कि हत्यारा कोई गैर नहीं बल्कि कोई करीबी है। सनद रहे कि सोमवार यानी 19 जनवरी 2026 को एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित सुनहरी नगर नगला प्रेमी मोहल्ले में रहने वाले गंगा सिंह, उनकी पत्नी श्यामा देवी, बेटी ज्योति व बहू रत्ना देवी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। एक ही परिवार के चार लोगों की हुई हत्या से सिर्फ मुहल्ले में नहीं बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। यही नहीं नरसंहार की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया था। घटना के बाद मौके पर पहुंची एडीजी आगरा, डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारियों ने मामले की गहनता से छानबीन शुरू की तो पता चला कि इस घटना को अंजाम किसी करीबी ने ही दिया है।

पुलिस टीम सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से जाल बिछाया और संदेह के घेरे में आए कमल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वह टूट गया और अपना जुर्म इक़बाल करते कहा कि हां मैंने ही कत्ल किया है। पूछताछ में कलयुगी बेटे कमल सिंह पुलिस को बताया कि बेटी के प्रेम संबंध और शादी को लेकर घर में काफी दिनों से विवाद चल रहा था। रूपयों के लेन-देन और पारिवारिक तनाव ने कमल सिंह को खूनी बना दिया और अपने पिता गंगा सिंह, मां श्यामा देवी, बहन ज्योति व पत्नी रत्ना देवी को मौत की नींद सुलाने के बाद रिश्ते को कलंकित कर दिया।
