भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचों को किसी भी प्रकार की सहायता न दे पोलैंड: जयशंकर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पोलैंड से आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा है कि उसे भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचों को किसी भी प्रकार से सहायता नहीं देनी चाहिए। डॉ. जयशंकर ने भारत यात्रा पर आये पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ सोमवार को यहां वार्ता के दौरान प्रारंभिक वक्तव्य में कहा कि पोलैंड इस क्षेत्र के लिए कोई अजनबी नहीं हैं और वह सीमा-पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौती से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि पोलैंड को आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनानी चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को किसी भी प्रकार से सहायता नहीं करनी चाहिए।

ये भी पढ़े

वाह रे कानून: गैंगरेप की पीड़िता इंसाफ के इंतजार में चल बसी, लेकिन नहीं मिला इंसाफ

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों की बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा स्वाभाविक रूप से शामिल होगी। विशेष रूप से अपने-अपने पड़ोस के संबंध में आकलनों का आदान-प्रदान उपयोगी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन संघर्ष और उसके प्रभावों पर भारत के विचार पहले भी स्पष्ट रूप से साझा कर चुके हैं और उन्होंने जोर देकर कहा है कि चुनकर भारत को निशाना बनाना न केवल अनुचित बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। विदेश मंत्री ने कहा कि वह आज एक बार फिर इस बात को दोहरा रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया में काफी उथल-पुथल है। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं जिनकी अपनी-अपनी चुनौतियां और अवसर हैं इसे देखते हुए विचारों और दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करना स्वाभाविक रूप से उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध भी निरंतर प्रगति कर रहे हैं लेकिन इन पर निरंतर ध्यान दिये जाने की जरूरत है।

भारत और पोलैंड के बीच परंपरागत रूप से गर्मजोशीपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में ये संबंध उच्च-स्तरीय राजनीतिक आदान-प्रदान तथा सशक्त आर्थिक और लोगों के बीच संपर्कों से आगे बढकर मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2024 की पोलैंड यात्रा के दौरान संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया।  डॉ. जयशंकर ने कहा कि दोनों देश बातचीत के दौरान 2024 से 28 तक कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे जिसके माध्यम से हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता को साकार करना चाहते हैं। इसके अलावा व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों तथा डिजिटल नवाचार में सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। विदेश मंत्री ने कहा कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 7 अरब डॉलर है जिसमें पिछले एक दशक में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पोलैंड में भारतीय निवेश तीन अरब डॉलर से अधिक हो चुका है, जिससे पोलैंड के नागरिकों के लिए रोजगार के अनेक अवसर सृजित हुए हैं। भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बड़े बाजार का आकार और निवेश-अनुकूल नीतियाँ वहां के व्यवसायों के लिए अपार अवसर प्रदान करती हैं। (वार्ता)

homeslider Politics Raj Dharm UP

PDA की बढ़ती ताकत से अवसाद में भाजपा: अखिलेश

BJP ने तोड़ दिए भ्रष्टाचार और लूट के सारे रिकॉर्ड भाजपा को सत्ता से बाहर करना हो गया जरूरी लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 में विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनानी है। पूरी तैयारी के साथ काम करना है। बूथ स्तर पर जीतना होगा। भाजपा सरकार ने उत्तर […]

Read More
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

सुरक्षाकर्मियों के बजाए आधुनिक उपकरण खरीद पर जोर!

कारागार विभाग में चल रहा कमीशन का खेल सुरक्षाकर्मियों पर निगरानी रखने के लिए लगाए जा रहे ‘सेंसर उपकरण’  फरारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नया प्रयोग राकेश कुमार  लखनऊ। जेल में निरुद्ध बंदियों की फरारी रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाए जाने के बजाए आधुनिक उपकरणों की खरीद पर जोर दिया […]

Read More
homeslider International

भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंका में लगाई ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने बक पूर्णिमा पोया के अवसर पर वेलिसारा के मूलगंधकुटी पिरिवेन महा विहार में ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में आधुनिक भारतीय कला के महान कलाकारों की पेंटिंग्स दिखाई गई, जिनमें भगवान बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रसंगों को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया […]

Read More