ढाका में दिनदहाड़े फायरिंग से दहशत, चुनावी माहौल के बीच छात्र नेता की हत्या

bang 1767841482

बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आया है। राजधानी ढाका में अज्ञात हमलावरों ने छात्र राजनीति से जुड़े नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना उस वक्त हुई है, जब देश में आम चुनाव से पहले आचार संहिता लागू है और सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे सवालों के घेरे में हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह वारदात ढाका के कारवान बाजार इलाके में हुई, जो एक व्यस्त कमर्शियल ज़ोन माना जाता है। बसुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सुपर स्टार होटल के आसपास अचानक गोलियों की आवाज़ से अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, जिससे अजीजुर रहमान मुसब्बिर की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले घायलों को बीआरबी अस्पताल ले जाया गया और बाद में एक को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अजीजुर रहमान मुसब्बिर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्वयंसेवी इकाई से जुड़े रहे थे और ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेवक दल के महासचिव रह चुके थे। उनकी हत्या को चुनाव से पहले राजनीतिक रंजिश और बढ़ती हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने वारदात के बाद कई राउंड फायर किए और फिर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। हालांकि, बुधवार सुबह तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

तुर्कमान गेट हिंसा पर सपा नेता एसटी हसन का बयान

 

बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। बीते कुछ महीनों में देश में राजनीतिक हत्याओं और हिंसक घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले जुबो दल के एक नेता और इंकलाब मंच के प्रमुख शरीफ उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है, जिसके बाद कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी हैं। लगातार हो रही राजनीतिक हत्याएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं, बल्कि आम नागरिकों के मन में डर और अस्थिरता भी बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर काबू पाने में कितनी सफल होती हैं।

Spread the love

Crime News homeslider

एक पिता की दुर्दांत कहानी सुनकर दहल गई दिल्ली

पैर छुए, फिर किया वार, पिता ने किया प्रैग्नेंट बेटी का कत्ल DelhiCrime news : राजधानी दिल्ली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दक्षिणी दिल्ली में रहने वाली 18 वर्षीय गर्भवती युवती की उसके पिता ने कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को आगरा के पास चंबल नदी में […]

Spread the love
Read More
Pakistan-Türkiye-Saudi alliance
International

पाकिस्तान-तुर्किए-सऊदी की नई दोस्ती, क्या बदलने वाला है अमेरिका का दबदबा?

Pakistan-Türkiye-Saudi alliance : पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हुआ नया रक्षा समझौता चर्चा में है। सात अगस्त को तीनों देशों ने एक आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे मक्का संयुक्त रक्षा समझौता बताया जा रहा है। इस समझौते ने क्षेत्रीय सुरक्षा […]

Spread the love
Read More
homeslider National

भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 की वो क्रांति, जिसने अंग्रेजों को हिला दिया

Quit India Movement : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में आठ अगस्त का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ था। इस आंदोलन को अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य भारत से ब्रिटिश शासन […]

Spread the love
Read More