- बिहार के सिवान तक जुड़ा है “हॉफ पैंट” गिरोह का तार,
नया लुक ब्यूरो, रांची/बोकारो: बोकारो स्टील सिटी और चीरा चास थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में चोरी की 44 घटनाओं को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि एक पुलिस जमादार (ASI) का बेटा और इसका “हाफ पैंट” गिरोह है। रक्षक का बेटा ही भक्षक बना हुआ था। इस गिरोह का सरगना प्रसन्नजीत कुमार झारखंड पुलिस के एक जमादार (एएसआई) महादेव यादव का बेटा है। गिरोह के सदस्य इसे “सिपाही” के नाम से ही पुकारते हैं।
27 दिसंबर को चीरा चास थाना क्षेत्र के केके सिंह कॉलोनी स्थित एक आवास का ताला तोड़ते समय पुलिस ने चोरों को दबोचने की कोशिश की थी। मौके पर प्रसन्नजीत के साथ कुख्यात चोर बुलेट भुइयां भी मौजूद था, हालांकि दोनों भागने में सफल रहे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पूछताछ के दौरान जब पुलिस को प्रसन्नजीत के बारे में जानकारी मिली तो अधिकारी भी सन्न रह गए। प्रसन्नजीत के पिता महादेव यादव की तैनाती कुछ दिन पहले धनबाद पुलिस बल में थी। वर्तमान में उनकी तैनाती कहां है, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। इस चोर गिरोह के सदस्य हाफ पैंट पहन कर चोरी करते हैं। यह गिरोह बिहार के सिवान तक जुड़ा है।
पूछताछ में गिरफ्तार चोरों, रोहित मेहरा उर्फ गुलुआ और बड़का बांसफोड़ उर्फ बड़का ने बताया कि वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पहले घरों की रेकी करते हैं। गिरोह का सदस्य प्रसन्नजीत उर्फ सिपाही अपनी कार से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिलाने जाता था। वह कार से साथियों को मौके पर छोड़कर कुछ दूरी पर चला जाता था।
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घटना के बाद सभी को कार में बैठाकर वापस ले जाता था। चोरी से मिले सामान को भी इसी कार से वह लोग अपने घर तक पहुंचाते थे। गिरफ्तार आरोपी बिहार के सिवान जिले के महादेवा निवासी तथा रानी ज्वेलर्स के मालिक शशि कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले सेक्टर-वन सी झोपड़ी निवासी बड़का डोम अपनी पत्नी के साथ उसकी दुकान पर पायल खरीदने आया था। कुछ दिनों बाद पायल टूटने पर वह उसे जुड़वाने आया। इसी दौरान उसने बताया कि वह चोरी करता है और गहने लाकर देगा, जिस पर शशि कुमार राजी हो गया।
बड़का की साली की ससुराल सिवान में है, जहां उसका आना-जाना होता रहता था। इसके बाद बड़का के अन्य साथियों प्रसन्नजीत और रोहित के बुलाने पर वह बोकारो आता था। यहां से चोरी के गहने लेकर सिवान जाता, उन्हें गलाकर नए गहने बनवाता और फिर बोकारो लाकर बेच देता था।
पुलिस को शशि ने यह भी बताया कि जब वह चोर गिरोह के गहने खरीदने चास आया था, तभी उसे पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों ने यह भी कबूल किया है कि घरों के अलावा उन्होंने बीते वर्ष जून माह में हरला थाना क्षेत्र स्थित माई ज्वेलर्स नामक दुकान से भी गहनों की चोरी की थी। चोरी किए गए गहने उन्होंने चास के धीरज ज्वेलर्स के मालिक महेश सोनी को भी बेचे थे।
हरला थाना पुलिस माई ज्वेलर्स चोरी कांड का खुलासा करने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में जुट गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं प्रसन्नजीत चोरी की घटनाओं में जिस कार का इस्तेमाल करता था, उस पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ तो नहीं था।
