अंधी-दौड़ : उपन्यास

बलराम कुमार मणि त्रिपाठी
बलराम कुमार मणि त्रिपाठी

अंधी दौड़ उपन्यासकार सूर्य नारायण शुक्ल का पांचवां उपन्यास है। भौतिकी के प्रवक्ता पद से अवकाश ग्रहण के पश्चात अपने लिखे उपन्यासों का प्रकाशन निश्चय ही एक साहस का‌ काम है। मौजूदा ‘लिव इन रिलेशन’ मे रहने वाले युवक और युवतियों की यथार्थ स्थिति का यह एक जीवन्त उदाहरण है। लेखक ने न केवल वासना के आकर्षण में बंधे एक दूसरे के नजदीक आए नव युवाओ की मनोदशा और क्राईम की दुनिया मे उनके बढ़ते कदम को रेखांकित किया है। सीधे सादे नव जवानों को साजिश मे फंसा कर उनसे धन ऐंठने और साईबर क्राईम के जरिये उनकी जिंदगी तबाह करने की फितरत भी देखी जासकती है। 80 पृष्ठों और 9 अनुच्छेदों के इस सामाजिक उपन्यास को लेखक ने सुखान्त बना कर एक रचनात्मक दिशा देने की कोशिश की है। घटना क्रम मे तारतम्यता है और अंत तक पाठक मे उत्सुकता बनाये रखने मे कामयाब हुई है। कहानी का नायक एक दीपक शुक्ल नामका युवा है, जो कम्प्यूटर साइंस से आईआईटी करने के पश्चात बंगलूरु के एक कंपनी मे जाब करता है। वहीं मुंबई की रिया भंभानी नाम की युवती भी किसी अन्य कंपनी मे जाब करती है। परिस्थितियां उन्हें एक दूसरे के नजदीक लाती हैं। दीपक छ: फुटा लंबा आकर्षक नवजवान है,किंतु सीधा सादा नवयुवक है,वहीं रिया एक चालाक युवती है,जो दीपक को शीघ्र ही अपने रूप जाल मे फंसाने की कोशिश करती है,असफल होने पर बर्थडे सेलीब्रेशन के बहाने होटल मे बुलाती है और पानी मे नशीली दवा पिलाकर इसे बेहोश कर अपना हवस पूरा करती है,साथ ही छुपे कैमरे सै वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल की कोशिश करती है। दीपक रिया द्वारा उसका वीडियो वायरल करने की धमकी से घबड़ा जाता है,तो पचास लाख की डिमांड रख देती है। अंतत: सौदा दस लाख मे फाईनल हो जाता है।

इस बीच उसके माता पिता बस्ती के रहने वाले एक एस एस पी की बेटी ज्योति त्रिपाठी से उसकी शादी तय कर देते है।यह लड़की भी संयोग से उसी कंपनी मे जाब करती है,किंतु दीपक इस बात से अनभिज्ञ है‌। ज्योति दीपक से नजदीकी बनाने की कोशिश करती है। एक शाम वह साथियो से 3लाख उधार लेकर और सात लाख अपंने बचत खाते का निकाल कर 10लाख का बैग लिए रिया को पैसे देने जाता है। किंतु उसके कमरे पर पहुंचने के पहले रिया की हत्या होजाती है,फाटक खोलने पर वह देख कर वापस मुड़ता है कि पुलिस का छापा पड़ जाता है। दीपक पकड़ा जाता है,उसका मोबाईल घटना स्थल पर गिर जाता है। पुलिस के गाड़ी से जाते समय मौका मिलते ही वह फरार होजाता है। ज्योति के पास रुपये का बैग रख कर पुलिस के डर से बचते बचाते हंपी पहुंच जाता है‌। पैसे खत्म होने पर एक दिन नदी में डूब मरने के लिए गहराई मे जाने लगता है तो हनुमान मंदिर के महंत राम दास उसे बचा लेते हैं। पंपासर के पास आंजनेय मंदिर है। वे दीपक की आधी अधूरी कहानी सुनते हैं। उन्हें दया आती है..उसे गेरुआ वस्त्र पहना कर मंदिर मे पुजारी बना देते हैं। जटा जूट व गेरुआ वस्त्र मे उसे अपनी पहचान छुपाने मे आसानी होजाती है। किंतु पुलिस का भय बना रहता है।

कहानी मे ट्विस्ट आता है। मोबाईल से उसके घर का पता लगाकर पुलिस उसके माता पिता से मिलती है,तब उन्हें घटना का पता लगता है,किंतु घर पर दीपक का पता न मिलने पर पुलिस पूछताछ कर लोट जाती है‌। ज्योति का नंबर पाकर उससे भी पूछताछ करती है पर दीपक का कुछ सुराग नहीं मिलता। घटना क्रम बदलता है,ज्योति बंगलुरु छोड़ कर गुड़गांव मे जाब करने लगती है।इधर एक दिन आंजनेय मंदिर मे दीपक की कंपनी का एक व्यक्ति घूमने आता है,वह दीपक को पहचान लेता है‌। उसी रात दीपक मंदिर से भोर मे ही निकल जाता है।पूजा पाठ से मिले पैसों से गोरखपुर आकर माता पिता‌ से मिलता‌ है। फिर दिल्ली चला जाता है। जहां कोंचिंग सेंटर मे हनुमंत सर बन कर भौतिक विज्ञान पढ़ाने लगता‌ है। एक दिन संयोग से दिल्ली के मार्केट मे ज्योति की झलक मिलती है,तो दीपक को अनुमान होजाता है कि ज्योति यहीं कहीं जाब करती है। एक‌ दिन किसी सहेली के कोचिंग मे प्रवेश दिलाने ज्योति जाती है,वही कोचिंग मे पढ़ाते हुए दीपक से उसकी मुलाकात हो जाती है।

इस बीच ज्योति की शादी एक पुलिस अधिकारी से तय होती है,वह दंगाईयो की भीड़ मे फंस कर विवाह पूर्व ही मारा जाता है‌। ज्योति दीपक की स्मृति संजोए रहती है। एक नया मोड़ आता है ज्योति अपनी एक सहेली के घर जाती है,जहां उसका भाई राजशेखर उसे पाना चाहता है। राजशेखर के एलबम मे रिया भंभानी के साथ राजशेखर की एक सेल्फी मिल जाती है,ज्योति आंख बचाकर वह सेल्फी ले‌लेती है। उसे राजशेखर पर रिया की हत्या का शक होजाता है। एक दिन राज शैखर का पिता ज्योति के माता पिता के पास जाकर उनकी बेटी का अपने बेटे से विवाह का प्रस्ताव रखता है। ज्योति के मां बाप तो मान जाते हैं,किंतु ज्योति यह रिश्ता मना कर देती है। राजशेखर एक मनचला और आपराधिक मानसिकता का युवक है।‌ वह ज्योति को मारने के लिए अपने साथी के साथ प्लान करता है,एक दिन ज्योति का पीछा करते हुए मौका पाकर‌ राजशेखर उस पर गोली चला देता है,भागते हुए बाईक सवार का फोटो ज्योति मोबाईल से ले लेती है। किंतु गोली किसी अन्य लड़की को लग जाती है‌। जिसे लेजाकर ज्योति अस्पताल मे भरती कराती है। संयोग से‌ वह बंगलूरु के पुलिस कमिश्नर की बेटी निकलती है‌। पुलिस प्राथमिकी मे राजशेखर और उसके साथी का नाम आता है। दोनो पकड़े जाते हैं। गवाह के तौर पर ज्योति बुलाई जाती है‌। तो रिया भंभानी के हत्या का भी राज खुलनै लगता है।

ज्योति के दिये गए रिया के साथ राज के सेल्फी का फोटो और बाईक सवार के फोटो के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर राजशेषर टूट जाता है और वह रिया का हत्यारा होना कबूल कर लेता है। रिया के साथ दो साल वह लिव इन रिलेशन मे रहा..फिर वह उसे प्रेगनेंट होने का बहाना बना कर ब्लैक मेल करने लगी थी,इसलिए उसने हत्या कर दी। मोबाईल की टाइमिंग और हत्या के समय मे एक घंटे पूर्व का अंतर सिद्ध होता है। पुलिस कमिश्नर दीपक को बेकसूर‌ साबित करते हैं। इधर दीपक और ज्योति बेकसूर सिद्ध होने पर आंजनेय मंदिर जाकर महंत से मिलते हैं। फिर तिरुपति बाला जी जाकर ज्योति की पहल पर दीपक उसकी सिंदूर से मांग भरता है,इस तरह वे एक दूसरे से शादी कर लेते हैं। दीपक के माता पिता तो थोड़ी ना नुकुर के बाद शादी स्वीकार कर लेते। किंतु ज्योति के पिता नहीं स्वीकार कर पातै हैं। दोनौ दिल्ली जाकर प्रतियोगिता की तैयारी करते हैं। दीपक शुक्ल आईएएस और ज्योति आईपीएस होजाती है। तब दोनो के माता पिता की सहमति से वैदिक रीति से विवाह होता है।
मुकदमे मे कोर्ट मे पेशी के दौरान राजशेषर को हत्या का मुजरिम साबित होने पर अचानक दिल का दौरा पड़ता है,पुत्र की अचानक मौत से आहत उसकी मां का भी निधन होजाता है। उपन्यास की भाषा सरल और सुबोध है,यद्यपि कहीं कही मुद्रण मे भाषाई त्रुटि रह गई है। फिर भी उपन्यास रोचक ढंग से लिखी गई।

Bihar homeslider Politics

बिहार में सियासी बदलाव की आहट: नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं ? निशांत बन सकते हैं डिप्टी सीएम

बिहार की राजनीति में बड़े फेरबदल की चर्चा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा का रुख कर सकते हैं, जबकि उनके बेटे निशांत कुमार को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों […]

Read More
homeslider National

Holi 2026: हुड़दंग पर सख्ती, यूपी-एमपी-बिहार में हाई अलर्ट

रंगों का त्योहार होली इस बार उल्लास के साथ-साथ सख्त सुरक्षा इंतजामों के बीच मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हुड़दंग या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई होगी। त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बनाने के लिए कई दिनों से रणनीति तैयार की जा […]

Read More
homeslider National

राज्यसभा चुनाव: BJP ने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी

राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक पहले Bharatiya Janata Party (BJP) ने अपने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार को मैदान में उतारा गया है, जबकि पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को […]

Read More