अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में जारी वीडियो को लेकर उत्तराखंड में एक बार फिर सियासत तेज

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देहरादून । अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोर्ट ने भले ही तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है लेकिन उस वीआइपी का राज अब तक नहीं खुल पाया है जिसके रिसार्ट में आने की चर्चाएं थीं और अंकिता भंडारी पर रिसार्ट में आने वाले वीआइपी को एक्सट्रा सर्विस देने का दबाव बनाया गया था। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ और देहरादून से दिल्ली तक फिर से सियासी पारा एक बार फिर चढ़ने लगा। भाजपा-कांग्रेस में भी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस ने वीआईपी का नाम उजागर कर सीबीआई जांच की मांग की तो वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर शर्मनाक राजनीति करने का आरोप लगाया।

दरअसल, ये पूरा मामला पूर्व विधायक की कथित पत्नी के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद ही शुरू हुआ। भाजपा निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने फेसबुक लाइव आकर खुलासा किया था। इस वीडियो में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। उन्होंने वीडियो में बताया कि गट्टू बीजेपी का बड़ा नेता है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य का भी जिक्र किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि जिस दिन अंकिता की हत्या हुई वो गट्टू वहां क्या कह रहा था? साथ ही एक ऑडियो का भी जिक्र किया जिसमें कहा कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो वायरल हुआ तो कांग्रेस ने भी इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गाेदियाल ने दिल्ली में प्रेसवार्ता की। उन्होंने वायरल वीडियो भी प्रेसवार्ता में दिखाया। साथ ही सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगया। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दस दिनों के भीतर अगर सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले वीआईपी का राग अलाप कर अपनी नाकामियों से ध्यान हटा रही है। कांग्रेस को ही यह बताना चाहिए कि वीआईपी कौन है। अंकिता की असली अपराधी कांग्रेस है। जनता ने अंकिता कि लड़ाई लड़ने के लिए भाजपा को आशीर्वाद दिया है। कांग्रेस को दुष्प्रचार की ढाल को आधार बनाकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति से बाज आने की जरूरत है। भट्ट ने कहा कि उस समय डीजीपी ने सार्वजनिक अपील की थी कि यदि किसी को वीआईपी के बारे में जानकारी है तो आए और बताए। तब किसी ने नहीं बताया और न आज बता रहे हैं। अंकिता पर अनावश्यक षड्यंत्र कर कांग्रेस उस बिटिया की आत्मा को अपमानित करने का भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अपुष्ट वायरल वीडियो को छेड़छाड़ वाला बताते हुए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। कांग्रेस उसे राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास कर रही है। जबकि जिस महिला का ऑडियो वायरल किया है, उसके पिछले कृत्य और राजनीतिक षडयंत्र किसी से छिपे नहीं है। कहा कि बिना पुष्टि आरोप लगाने वाली कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऑडियो को लेकर सियासत और बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और आर्टिफिशियल बताते हुए इसकी फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ज्वालापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। कहा कि यदि जांच में उनके खिलाफ कोई भी तथ्य सामने आता है, तो वह सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। कहा कि वायरल किया गया ऑडियो छेड़छाड़ कर तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक व सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने मांग की कि पुलिस संबंधित मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच कराए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

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