
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन नगरी सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ करते हुए पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। पहली बार सांकरी आगमन पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के स्नेह और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला, लोकगीत, लोकनृत्य और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है।
सीएम ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है, जिससे सीमांत गांवों में पलायन रुक रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सीएम ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।
सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा,स्वास्थ्य,सड़क,बिजली और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण,सड़क परियोजनाएं,पुरोला उप जिला चिकित्सालय और तिलोथ विद्युत गृह जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को मजबूत कर रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विंटर फेस्टिवल में विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
स्थानीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि हरकीदून,केदारकांठा, भराड़सर,देवक्यारा,चांईशील और सरूताल जैसे विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का मुख्य केंद्र बिंदु पर्यटन नगरी सांकरी है। इसी उद्देश्य से यहां विंटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया है,ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को यहां की समृद्ध संस्कृति,खान-पान,रहन-सहन और पारंपरिक मेहमाननवाजी से रूबरू कराया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन व्यवसाय को नई गति मिलेगी और सांकरी का नाम विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक प्रसिद्ध होगा। इस अवसर पर विधायक ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र के विकास के लिए अनेक मांगों को लेकर मांग पत्र सौंपा।

