नया लुक ब्यूरो
रांची। झारखंड में विधायक दल के नेता और मंत्री के बीच का विवाद दिल्ली तक पहुंच कर अब शांत हो गया है। फिलहाल दिल्ली ने विधायक के साथ-साथ मंत्रियों का नट बोल्ट टाइट कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि झारखंड में यह व्यवस्था दी गई है कि एक मंत्री, चार विधायकों से समन्वय बनाकर जनमुद्दों पर काम करेंगे। फिलहाल झारखंड में कांग्रेस का विवाद थमता दिख रहा है। लेकिन बिहार में कांग्रेस किस राह पर चलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जबकि कांग्रेस नेताओं का एक दल दिल्ली में डेरा डाले बैठा है और वह नेताओं से मुलाकात करने के बाद ही बिहार लौट सकता है।
देखना होगा कांग्रेस का अगला कदम क्या होता है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में मुंह के बल गिरने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की है। मुलाकात करने की वजह क्या थी, क्या कुछ बातें हुई, इसका भी खुलासा हो गया है। लेकिन बिहार कांग्रेस का एक समूह, सूत्रों के मुताबिक 10 दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए है। वह आलाकमान से मिलना चाह रहा है। यह समूह राष्ट्रीय अध्यक्ष और राहुल गांधी से मिलना चाह रहा है। सूत्र बताते है कि यह वही समूह है जो चुनाव के दौरान पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी। कांग्रेस हाई कमान ने भरोसा दिया था कि चुनाव के बाद उनकी मुलाकात पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कराई जाएगी।
सूत्र बता रहे हैं कि नेताओं का यह दल 10 दिनों से दिल्ली में है, लेकिन अब तक उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी व्यस्त है। ऐसे में बिहार से गए कांग्रेस नेता दिल्ली में ही जमे हुए है और प्रतीक्षा कर रहे है। उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर गठबंधन से बाहर निकलने की मांग जोर पकड़ रही है। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस यदि अपने दम पर चुनाव लड़े, तो उसका संगठन और जन आधार दोनों मजबूत हो सकते है। पटना के सदाकत आश्रम में हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में भी महागठबंधन से अलग होने की बात उठी थी। उल्लेखनीय है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 6 सीट मिली है।
