नया लुक ब्यूरो
मेरे बेटे का परसों आठ घंटे का ऑपरेशन था। मुझे मेरे परिवार के लोगों ने फोन किया कि ये बड़ा ऑपरेशन है, आपको आना चाहिए। लेकिन मैंने सोचा- देश की हिफाजत में हमारे जवान जान दांव पर लगा देते हैं, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने बलिदान दिया, सोनिया गांधी ने त्याग किया।
ऐसे में जब संसद चालू है और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ इतनी बड़ी लड़ाई चल रही है- मैं अपने बेटे के पास कैसे जा सकता हूं!
जैसे सरहद पर जवान लड़ते हैं, वैसे ही अन्याय के खिलाफ सोनिया गांधी लड़ी हैं, राहुल गांधी देश के लिए हजारों मील पैदल चले हैं… मैं भी ये लड़ाई जारी रखूंगा। मैं अपने एक बेटे के लिए देश के 140 करोड़ लोगों को नहीं छोड़ सकता, इसलिए मैं आज यहां आया हूं। हमें लड़ना है, पीछे नहीं हटना।
