लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जो घरेलू सहायिकाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। एक दिसंबर 2025 को पिलखुवा थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे NH -9 के किनारे गन्ने के खेत में एक काले सूटकेस से एक युवती का कंकाल बरामद हुआ। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने जांच शुरू की और आस-पास के इलाकों में मिसिंग रिपोर्ट्स खंगालीं।
जांच के दौरान पता चला कि यह कंकाल झारखंड के सिमडेगा जिले की 21-22 वर्षीय युवती सोनिया नाम बदला गया का है। आरोपी हापुड़ निवासी अंकित कुमार और उसकी पत्नी कलिस्ता उर्फ काली हैं। दंपति एक प्लेसमेंट एजेंसी चलाते थे, जो झारखंड और अन्य राज्यों से गरीब युवतियों को नौकरी का लालच देकर दिल्ली-एनसीआर में घरेलू सहायिका के रूप में भेजते थे।
करीब आठ महीने पहले कलिस्ता ने सोनिया को नौकरी का झांसा देकर हापुड़ लाया। पहले उसे दिल्ली के एक घर में काम पर रखा गया, लेकिन अंकित की सोनिया पर बुरी नजर पड़ गई। उसने युवती को वापस बुलाया और अपने किराए के मकान में कैद कर लिया। अंकित ने सोनिया के साथ बार-बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए और अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किए। जब सोनिया ने विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी, तो आरोपी घबरा गए। 27-28 अगस्त 2025 की रात दोनों पति-पत्नी ने मिलकर सोनिया को लाठियों और डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को घर में कुछ दिन रखा ताकि बदबू न फैले, फिर 29 अगस्त को सूटकेस में बंद करके ऑटो से 30 किलोमीटर दूर खेत में फेंक दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली के एक कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उनकी घरेलू सहायिका जो पहले अंकित के संपर्क में थी डरी-सहमी रहती है। उसने खुलासा किया कि उसने हत्या देखी थी और आरोपी ने उसे भी धमकाया था। इस इनपुट पर हापुड़ पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा, मोबाइल और अन्य सबूत बरामद किए हैं। यह घटना घरेलू कामगारों के शोषण और महिलाओं की असुरक्षा को उजागर करती है। पुलिस अब एजेंसी के अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
