- हर महीने विशेषज्ञ डॉक्टर से फ्री चेकअप की सुविधा
भारत सरकार गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) चलाया जा रहा है, जो देशभर की गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। इस योजना के तहत हर गर्भवती महिला का गर्भावस्था के दौरान कम से कम एक बार विशेषज्ञ डॉक्टर से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है।
इस योजना की जानकारी संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दी। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान इसी सोच का परिणाम है।
मंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत हर महीने की 9 तारीख को देशभर में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं की जांच स्त्री रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और अन्य प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा की जाती है। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं की समय रहते पहचान करना और मां व बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस अभियान को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है। वर्तमान में देशभर में 23 हजार से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि इस योजना में सरकारी डॉक्टरों के साथ-साथ निजी डॉक्टरों को भी स्वेच्छा से जोड़ा गया है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक इसका लाभ पहुंच सके।
कामकाजी महिलाएं या प्रवासी महिलाएं, जो अपने गृह जिले से बाहर रहती हैं, वे भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। सरकार ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और निगरानी के लिए RCH पोर्टल के जरिए डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होती है। वे यह सुनिश्चित करती हैं कि हर गर्भवती महिला कम से कम एक बार विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच जरूर कराए। सरकार का लक्ष्य मातृ मृत्यु दर को कम करना और हर महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वस्थ मातृत्व प्रदान करना है।
