लखनऊ | उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक आम सी शाम अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गई। दिबियापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 42 वर्षीय इंकिला देवी अपने रिश्तेदार के साथ क्लिनिक से लौट रही थीं। रास्ते में प्यास और गोलगप्पे की तलब ने उन्हें सड़क किनारे ठेले पर रोक दिया। पहले तो सब ठीक था – साथ वाली महिला ने आराम से पानी-पूरी खाई। लेकिन जब इंकिला ने एक बड़ा गोलगप्पा मुंह में डाला और उसे चबाने की कोशिश की, तभी ज़ोर का ‘क्लिक’ हुआ और उनका निचला जबड़ा अचानक खिसक गया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि इंकिला का मुंह पूरी तरह खुला रह गया। वे दर्द से कराह रही थीं, हाथ से जबड़े को सहारा देने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन मुंह बंद ही नहीं हो रहा था। आसपास के लोग घबरा गए। किसी ने तुरंत ऑटो बुलाया और उन्हें वापस उसी क्लिनिक ले जाया गया, जहां से वे अभी-अभी लौटी थीं।
क्लिनिक के डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन जबड़े की गंभीर डिसलोकेशन देखकर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने मैनुअल रिडक्शन तकनीक से जबड़े को वापस सही जगह पर फिट किया। करीब आधे घंटे की प्रक्रिया के बाद इंकिला को राहत मिली। डॉक्टरों ने बताया कि यह टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) डिसलोकेशन का मामला था, जो अचानक तेज़ दबाव या गलत तरीके से मुंह खोलने से होता है। अच्छी बात यह रही कि कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था। परिवार ने बताया कि इंकिला को पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। वे सामान्य रूप से गोलगप्पे खाती रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि गोलगप्पा, पावभाजी या बड़े बर्गर जैसे खाद्य पदार्थ एकदम से पूरा मुंह में न डालें। पहले छोटा-छोटा टुकड़ा करके खाएं, ताकि जबड़े पर अचानक लोड न पड़े। खासकर जिन लोगों को पहले से TMJ की समस्या या दांतों का इलाज चल रहा हो, उन्हें और सावधानी बरतनी चाहिए।
