पारंपरिक ज्ञान आधारित सामुदायिक सशक्तिकरण पर प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे

Untitled 12 copy

देहरादून। स्थित ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यशाला “सशक्त समुदायों का निर्माण: पारंपरिक ज्ञान और प्रथाओं का उपयोग” तथा ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। यू-कॉस्ट के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों, वैज्ञानिक संगठनों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर आर.सी. सुंद्रियाल ने उद्घाटन उद्बोधन में हिमालयी जैव विविधता, सामुदायिक वन प्रबंधन, औषधीय पौधों के उपयोग और पारंपरिक कृषि प्रणालियों को जलवायु अनुकूलन का प्रभावी माध्यम बताया।

सत्र की अध्यक्षता डॉ. डी.पी. उनियाल ने की। उन्होंने पारंपरिक जड़ी-बूटी आधारित उपचार पद्धतियों और आधुनिक आयुर्वेद के वैज्ञानिक समन्वय पर रोचक केस स्टडी प्रस्तुत कीं। यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कार्यक्रम की संपूर्ण पर्यवेक्षण भूमिका निभाते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्रों का व्यवहारिक, अनुभवजन्य और लोक-आधारित ज्ञान आपदा प्रबंधन, सतत विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण में अद्वितीय योगदान देता है। सत्र के समन्वयक डॉ. मनमोहन सिंह रावत ने विषयगत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों का स्वागत किया और समुदाय आधारित संसाधन-वितरण, वन नीतियों तथा स्थानीय प्रबंधन प्रणालियों पर विस्तार से चर्चा की।

चर्चा में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. कपिल पंवार ने उत्तराखंड की जनजातीय लोक संस्कृति और लोक-विज्ञान के गहन संबंध को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भोटिया, थारू, जौनसारी और रवाई समुदायों के पास मौसम पूर्वानुमान, कृषि चक्र, पशुपालन, वानिकी, संरक्षण तकनीकों और स्वास्थ्य देखभाल का अपना विशिष्ट लोक-विज्ञान है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान है। इसी क्रम में डॉ. सुनील सेमवाल, केशव शर्मा, डॉ. जबरींद्र सिंह, डॉ. अतुल कौशिक, डॉ. रवींद्र कुमार और डॉ. अरविंद कुमार ने भूजल पुनर्भरण और वनाग्नि नियंत्रण का सफल सामुदायिक विकास आदि विषयों पर अपने वक्तव्य रखे। अंत में रुखसार ने सभी अतिथियों वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Spread the love

Himachal Uttar Pradesh Uttarakhand

लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों में सैलानियों का सैलाब, जाम से थमी रफ्तार

लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों में सैलानियों का सैलाब, नैनीताल में कमरे फुल Nainital/Shimla : गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियों ने पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ बढ़ा दी। उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश तक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से कई जगह यातायात […]

Spread the love
Read More
Uttarakhand Weather

मानसून की विदाई या आखिरी इम्तिहान?

जाते-जाते भी तबाही मचा रहा मानसून मौसम, चार धाम यात्रा स्थगित बादलों ने फिर याद दिलाई इंसान की औकात                                                                         […]

Spread the love
Read More
Politics Uttarakhand

हरीश रावत के इस्तीफे पर कांग्रेस का BJP पर बड़ा हमला

New Delhi: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के पार्टी के अहम पदों से इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हरीश रावत ने अपने करीबी सहयोगी और PA चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद यह फैसला लिया है। कांग्रेस ने […]

Spread the love
Read More