राम नाम उकेरते हुए तैयार कर दी अद्भूत हनुमान चालीसा

  • प्रतिभा पांडेय ने तैयार की दुनिया की पहली सचित्र हनुमान चालीसा
  • भक्ति और आध्यात्म,शब्द और रंगों का जीवंत संगम है ये चालीसा

नया लुक संवाददाता

प्रयागराज। संगम तीरे बसे प्रयागराज की प्रतिभा पांडेय ने दुनिया की पहली सचित्र हनुमान चालीसा है, जिसमें शब्द, रंग और साधना तीनों का जीवंत संगम है। इसकी हर रेखा में असंख्य ‘राम नाम’. हर चित्र में भक्ति और आध्यात्म के संगम को प्रयागराज की युवा चित्रकार प्रतिभा पांडेय ने अद्भूत तरीके उकेरा है। इनके चित्र की खासियत यह है कि इसकी हर रेखा, हर आभा और हर आकार ‘राम-राम’ से निर्मित है। करीब 14 फीट लंबे स्क्रोल पेंटिंग पर हनुमान चालीसा के सभी दोहे असंख्य राम नाम लिखकर तैयार किए गए हैं। इस तस्वीर को दूर से देखने में ऐसा लगेगा कि यह लाल पेन से लिखा गया है, लेकिन जब आप नजदीक से देखेंगे तो यह राम-राम से लिखा गया है. यह दुनिया की पहली सचित्र हनुमान चालीसा है, जो शब्द, रंग और साधना तीनों का एक साथ जीवंत रूप है।

दिलचस्प बात तो ये है कि इस हनुमान चालीसा में किसी लाइन या डॉट का प्रयोग नहीं किया गया है। इसमें सिर्फ प्रभु श्रीराम का नाम लिखकर ही तैयार किया जा रहा है और सारे चित्र राम के नाम से ही बने हैं। प्रतिभा कहती हैं कि यह विचार मुझे कोरोना काल के दौरान आया था क्योंकि उस वक्स चारों ओर भय और अनिश्चितता का माहौल था और लोग असहाय थे। वे बताती हैं कि एक दिन मैं ध्यान में बैठी थी. मुझे अंदर से प्रेरणा हुई कि क्यों न भगवान राम के नाम से कोई चित्र बनाऊं। इसके बाद मैंने पेंसिल से भगवान शिव का चित्र बनाकर उस पर राम नाम लिखना शुरू कर दिया। जब चित्र बनकर तैयार हुआ तो मैं खुद ही उसे निहारती रही। मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था, कि यह शब्द चित्र मैंने ही तैयार किया है।

इसके बाद मैंने 40 दोहों और उतने ही 40 चित्रों के साथ राम नाम से हनुमान चालीसा तैयार करने शुरु किया। पहले धीरे–धीरे लाल पेन से बारीक अक्षरों में ‘राम राम’ लिखते हुए हनुमान चालीसा के दोहे उकेरने लगी। जैसे-जैसे ‘राम नाम’ लिखती गई वैसे-वैसे हर चित्र में नई ऊर्जा उतरती चली गई। ऐसा लगा जैसे मेरे हाथ कोई और शक्ति चला रही हो। प्रतिभा ने हनुमान चालीसा के 40 दोहों के लिए 40 अलग-अलग चित्र बनाए हैं और हर चित्र में कथा और भक्ति दोनों का भाव जीवंत है। कहीं बाल हनुमान सूर्य को निगलते दिखते हैं, तो कहीं संजीवनी पर्वत उठाए वीर रूप में हैं। इस चित्र को ध्यान से देखा जाए तो चित्र की हर रेखा, हर शेड में ‘राम-राम’ लिखा दिखाई देता है।

प्रतिभा बताती हैं, कि यह काम लगातार साधना और अनुशासन से संभव हुआ। कई-कई घंटे बिना रुके सिर्फ ‘राम-राम’ लिखती थी। और हर दोहा पूरा होने पर ऐसा लगता था जैसे कोई ध्यान सत्र पूरा हुआ है। वे कहती हैं, कि ऐसा किसी व्यावसायिक काम या प्रदर्शन के लिए नहीं किया गया बल्कि यह मेरे लिए भक्ति और साधना का माध्यम है। मेरे लिए चित्र बनाना सिर्फ एक रचना नहीं, एक प्रार्थना है।

homeslider Sports

इंग्लैंड को बड़ा झटका: कप्तान बेन स्टोक्स दो महीने तक क्रिकेट से बाहर

नेट्स में लगी खतरनाक चोट, गाल की हड्डी टूटी-मई से पहले मैदान पर वापसी मुश्किल इंग्लैंड क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स गंभीर चोट के कारण करीब दो महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। हाल ही में एक नेट्स सेशन के दौरान उन्हें चेहरे पर तेज गेंद लगी, […]

Read More
homeslider International National

ट्रंप-मोदी फोन कॉल में ‘मस्क एंगल’ पर विवाद, विदेश मंत्रालय ने किया साफ इनकार

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई फोन बातचीत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दी न्यू यौर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस अहम बातचीत में दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क भी शामिल थे। हालांकि, भारत सरकार […]

Read More
homeslider International

खाड़ी में युद्ध तेज: 3500 अमेरिकी सैनिक तैनात, सऊदी में US विमान तबाह, दुबई-तेल अवीव में हमले

नया लुक डेस्क ईरान के साथ जारी संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। 28 मार्च को युद्ध का 29वां दिन रहा, जहां एक तरफ अमेरिका बातचीत का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमान के मुताबिक, USS Tripoli (LHA-7) […]

Read More