अजमेर हाईवे पर 300 गैस सिलेंडरों में विस्फोट, 10 किलोमीटर तक सुनाई दी धमाकों की आवाज

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  • एक की मौत,कई वाहन जले,हाई-वे पर लगा लंबा जाम
  • आग बुझाने के लिए घंटो जूझती रही फायर ब्रिगेड गाड़ियां

नया लुक संवाददाता

जयपुर। जयपुर-अजमेर हाई-वे मंगलवार रात धमाकें की आवाज से गूंज उठा। धमाका इतना जारदार था कि 45 मिनट तक आसमान में आग के गोले नजर आते रहे। घरों में खाना खाते लोगों के बीच धमाका करते सिलेंडर गिरे। अचानक धमाकों की आवाज से सहमकर लोगों ने भागना शुरू ककर दिया। वे कुछ समझ पाते तब तक एक के बाद एक करके कुल 300 सिलेंडर फटे। आफत इतनी तेज थी कि वो सिलेंडर खेतों में करीब 500 मीटर दूर जाकर गिरे। उसे बुझाने में दमकल की करीब 20 से ज्यादा गाड़ियां लगी रहीं। लेकिन उन्हें करीब चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। हादसे में एक व्यक्ति की जलने से जान भी गई। हादसा जयपुर के दूदू मोखमपुरा के पास हुआ। हादसे में वहां खड़े पांच और वाहन भी आग की चपेट में आ गए। घटना के बाद हाईवे पर दोनों तरफ से ट्रैफिक रोक दिया गया, जो बुधवार सुबह करीब 4.30 बजे के आसपास बहाल हुआ।

सूचना के अनुसार यह हादसा जयपुर से अजमेर हाईवे पर रात करीब 10 बजे के आसपास हुआ। जब LPG गैस सिलेंडर से भरे खड़े ट्रक को केमिकल से भरे एक टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों गाड़ियों के कई हिस्से उड़ गए। इस टक्कर के बाद केमिकल से भरे टैंकर के केबिन में आग लग गई और उससे टकराएं ट्रक के सिलेंडर भी फटने लगे। कुल 330 सिलेंडरों से भरे उस ट्रक के करीब 300 सिलेंडर फट गए। कुछ सिलेंडर 500 मीटर दूर-दूर तक खेतों में गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो करीब 10 किलोमीटर दूर तक धमाकों की आवाज सुनाई दी और दो घंटे तक सिलेंडर फटते रहे। खबर लिखे जाने तक हादसे में एक व्यक्ति के जिंदा जलने की सूचना है। हालांकि हताहतों की संख्या ज्यादा है। दमकल की 12 गाड़ियों ने तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। ट्रक में करीब 330 सिलेंडर थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हाइवे पर RTO वालों ने रात में चेकिंग लगा रखी थी। RTO की गाड़ी देखकर टैंकर ड्राइवर ने गाड़ी ढाबे की तरफ मोड़ दी। इसी दौरान गैस सिलेंडर से भरे ट्रक से टकरा गया। हाईवे पर सावरदा पुलिया के पास ढाबे पर गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार में आए केमिकल से भरे टैंकर ने टक्कर मार दी। इससे दोनों वाहनों में आग लग गई। देखते ही देखते सिलेंडरों में ब्लास्ट होने लगा। रुक-रुककर करीब दो घंटे तक सिलेंडर फटते रहे।

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अजमेर से किशनगढ़ होते हुए जयपुर के रास्ते पर दबाव कम करने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। किशनगढ़ से रूपनगढ़ की तरफ होते हुए गाड़ियों को जयपुर की तरफ भेजा गया। वहीं, जयपुर से अजमेर की ओर जाने वाले वाहनों को 200 फीट बाइपास से ही टोंक रोड से डायवर्ट किया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि आसपास के एरिया में जांच की जा रही है। काफी दूर-दूर तक सिलेंडर मिले हैं।

ट्रक ड्राइवर ने सुनाई आपबीती, क्या है दास्तान… जानिए…

ट्रक ड्राइवर शाहरुख ने बताया कि मेरा ट्रक इस हादसे में जलकर खाक हो गया है। RTO की गाड़ी को देखकर केमिकल के टैंकर ड्राइवर ने खुद को बचाने के लिए टैंकर को ढाबे में घुसा दिया। इससे टैंकर सिलेंडर से भरे ट्रक से टकरा गया। इसके बाद स्पार्किंग हुई और आग लग गई। केमिकल के ट्रक के ड्राइवर ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन एकाएक आग फैल गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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