गोमतीनगर: किसी बात से रूठे सपा नेता के साले प्रतियोगी छात्र ने की खुदकुशी

suicide
  • परिवार संपन्न है फिर भी राज ने यह कदम क्यों उठाया, घरवाले बेचैन
  • परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
  • विपुल खंड के सृजन विहार कॉलोनी में हुई घटना का मामला

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। किसी बात से रूठे या फिर किसी तनाव में बुधवार को सपा नेता कावेंद्र चौधरी 27 वर्षीय कार्तिकेय राज ने गोमतीनगर क्षेत्र के विपुल खंड के सृजन विहार कॉलोनी स्थित कमरे में पंखे के कुंडे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इसकी सूचना घरवालों को बुधवार सुबह पौने आठ बजे उस समय लगी जब घर में काम करने वाला रामपाल कमरे की सफाई करने पहुंचा। वहां का मंजर देख रामपाल ने इसकी सूचना घर में मौजूद लोगों को दी। यह सुनते ही परिजन भाग कर कमरे में गए तो दंग रह गए। देखा कि कार्तिकेय का शव फांसी के फंदे से लटक रहा था। आनन-फानन में घरवालों ने पुलिस की मदद से डॉ राममनोहर लोहिया अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे से कोई सुसाइड नोट न मिलने से जान देने की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक मामले की पड़ताल की जा रही है।

ये भी पढ़े

30 लाख खर्च के बाद भी बारिश के पानी से नहा रहे कैदी

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

मूल रूप से जनपद बलिया निवासी शोभा राम वर्मा परिवार के साथ राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र के विपुल खंड के सृजन विहार कॉलोनी में मकान नं 23 रहते हैं। बताया जा रहा है कि शोभा राम वर्मा का 27 वर्षीय बेटा कार्तिकेय राज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, जबकि साथ ही अंबेडकर नगर में एक होटल का व्यवसाय भी संभाल रहा था। कार्तिकेय के पिता शोभाराम वर्मा बलिया में जिला पंचायत विभाग में इंजीनियर हैं। परिवार में उनकी पत्नी मां नीलम वर्मा, नानी और दो नौकर थे। घरवालों ने बताया पुलिस को बताया कि मंगलवार देर शाम घर के सभी लोग के साथ खाना खाने के बाद सोने चले गए, जबकि कार्तिकेय राज भी अपने कमरे में सोने चला गया। बताया जा रहा है घर में एक पालतू कुत्ता है जिसे राज अपने पास रखता था, था। लेकिन वह मंगलवार रात कमरे में अकेले सोया था।

ये भी पढ़े

ब्राह्मण परिवार के बच्चे का खतना कर कराया धर्म परिवर्तन

बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब पौने आठ बजे घर में काम करने वाले नौकर रामपाल रोज की तरह कमरे की सफाई करने पहुंचा तो देखा कि वो पंखे के कुंडे के सहारे फांसी के फंदे से लटक रहा था। इसकी सूचना मिलते ही घरवालों ने पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस घरवालों की मदद से राज को डॉ राममनोहर लोहिया अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक कमरे से कोई सुसाइड नोट न मिलने से जान देने की वजह साफ नहीं हो सकी। पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। करीबी रिटायर्ड डीआईजी देवेंद्र चौधरी ने पुलिस को बताया कि कार्तिक मानसिक तनाव से जूझ रहा था। उन्होंने बताया कि कार्तिकेय रिश्ते में भतीजा लगता है। वह बीते कई दिनों से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। उसके चलते ही उसने सुसाइड किया। बताया जा रहा है कि छात्र कार्तिकेय राज होटल व्यवसाय संभाल रहा था और यह भी बताया जा रहा है कि परिवार में ऐसी कोई दिक्कत नहीं थी। उसने कंप्यूटर कोर्स और वकालत की भी पढ़ाई की थी। इस समय वह अंबेडकर नगर में एक होटल का व्यवसाय संभाल रहा था। बताया जा रहा है कार्तिकेय की बहन की शादी सपा पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी के बेटे कावेंद्र चौधरी से हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि कावेंद्र चौधरी बस्ती के कप्तान गंज विधानसभा से मौजूदा विधायक हैं।

Spread the love

Businessman
Central UP

व्यापारी की पहचान सम्मान के साथ हो: संदीप बंसल

Businessman लालबाग ऑटोमोबाइल एसोसिएशन का गठन लखनऊ। लालबाग हजरतगंज परिक्षेत्र में तीन सितंबर स्वदेशी व्यापारी कुंभ की तैयारियों के संदर्भ में व्यापारी जोड़ों सदस्यता एवं संपर्क अभियान को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि स्वदेशी व्यापारी कुंभ का मुख्य उद्देश्य व्यापारी की पहचान को बदलना, […]

Spread the love
Read More
Dubagga
Crime News

दुबग्गा वन क्षेत्र में धड़ल्ले से काटे जा रहे हरे भरे सागवान के पेड़

Dubagga ट्रैक्टर ट्राली में लोड कर गैर जनपदों में की जा रही तस्करी वन रक्षक और वन दारोगा की मिलीभगत से हो रही हरे पेड़ों की कटान दुबग्गा वन रेंज क्षेत्र के कसमंडी रोड जाखड़ बाग चौराहा मयूर सिटी के सामने प्रतिबंध हरे पड़ों की कटान घड़ल्ले से हो रही है। इस क्षेत्र में हरे […]

Spread the love
Read More
Jail
Crime News homeslider Uttar Pradesh

बगैर अधीक्षक और जेलर के चल रही आदर्श कारागार!

प्रदेश के चयनित कैदियों को रखने एकमात्र जेल का हाल बेहाल लंबे समय से अधीक्षक तैनात तो जेलर नहीं, जेलर तैनात तो अधीक्षक नहीं, अब दोनों नहीं राकेश यादव राजधानी के आदर्श कारागार में अब न कोई अधीक्षक है और न ही की जेलर तैनात है। अधीक्षक और जेलर विहीन इस जेल का संचालन डिप्टी […]

Spread the love
Read More