उच्च न्यायालय का फरमान मुकदमों में जाति का जिक्र नहीं करेगी पुलिस: प्रदेश सरकार ने जारी किया आदेश

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ए अहमद सौदागर

लखनऊ। सूबे में जाति और भेदभाव को खत्म करने के लिए उच्च न्यायालय के फरमान पर यूपी सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर जाति का जिक्र करने पर पाबंदी लगा दी है। अदालत का आदेश मिलते ही यूपी सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए जारी किया है।
शासन जारी हुई सूची में बताया गया कि यूपी में जातिगत और भेदभाव खत्म करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर जाति के जिक्र पर रोक लगा दी है। इस मामले में पिछले दिनों इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सरकार को आदेश दिए थे कि पुलिस रिकॉर्ड व सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के नाम के साथ जाति के जिक्र पर रोक लगाई जाए। इस संबंध में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अपर पुलिस महानिदेशक अपराध, पुलिस कमिश्नरों, सभी जिला मजिस्ट्रेटों, एसएसपी व एसपी को निर्देश जारी कर दिए हैं।

फरमान में उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला

उन्होंने जारी निर्देशों में उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर साफ किया है कि प्रदेश सरकार की घोषित नीति है कि राज्य में एक सर्वसमावेशी व संवैधानिक मूल्यों के अनुकूल व्यवस्था लागू हो। इसलिए मुकदमों व गिरफ्तारी फर्द में आरोपित की जाति का जिक्र नहीं दर्शाया जाएगा। बल्कि माता-पिता के नाम लिखे जाएंगे। बताया गया कि इसी के तहत कोतवाली या फिर थानों के नोटिस बोर्ड, वाहनों व साइन बोर्ड से जातीय संकेत और जातीय नारे हटाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य में जाति आधारित रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इंटरनेट मीडिया पर भी जाति आधारित जिक्र नहीं दिए जा सकेंगे। हालांकि, एससी व एसटी एक्ट जैसे मामलों में आरोपितों के नाम के साथ जाति लिखने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इन आदेशों की पालना के लिए पुलिस नियमावली व मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में संशोधन किया जाएगा।

अदालत ने 28 पेज के आदेश में साफ कहा है कि पुलिस दस्तावेजों और मुकदमे में आरोपित या गवाह की जाति का जिक्र बंद होना चाहिए। उच्च न्यायालय ने इसे संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए राज्य सरकार और पुलिस को बदलाव के निर्देश भी दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि आधुनिक समय में पहचान के लिए तकनीकी साधन उपलब्ध हैं, ऐसे में जाति का इस्तेमाल करना समाज को विभाजित करने वाला यह कदम है।

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