- चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से गिरफ्तारी के बाद खुली पोल
- वह अर्से से रह रहा था जनपद उन्नाव में
- घुसपैठियों के खिलाफ कई बार सूबे की पुलिस ने चलाया अभियान, कुछ दिनों बाद पूरी कवायद चली गई ठंडे बस्ते में
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। सरोजनीनगर क्षेत्र स्थित चौधरी चरण सिंह अंतराराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया 28 वर्षीय मोहम्मद नसीम पुत्र मोहम्मद आलम तो वह बताया कि वह उन्नाव जिले के सफीपुर क्षेत्र स्थित गढ़ी इलाके में सालों से रहता था। यह सुनते ही हवाई अड्डे पर कार्यरत इमीग्रेशन अफसरों के होश उड़ गए। वह बेधड़क होकर मलेशिया जा रहा था, लेकिन अफसरों ने गहनता से जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि यह तो बांग्लादेश का रहने वाला है और फर्जी दस्तावेज के सहारे विदेश जाने के लिए निकला था।
हालांकि किसी का पासपोर्ट बनने से पहले खुफिया एजेंसी एवं स्थानीय पुलिस पूरे दस्तावेजों की छानबीन कर तभी रिपोर्ट लगाकर आगे रवाना करती है, लेकिन जिस तरह से बांग्लादेशी शख्स मोहम्मद नसीम का पासपोर्ट बना इससे स्थानीय पुलिस पर सवाल उठना लाजिमी है कि अगर किसी द्वारा बनाए जा रहे पासपोर्ट में कोई कमी निकलने पर पुलिस उसकी जमीन खोदने पर अमादा हो जाती है।
लेकिन बांग्लादेश का रहने वाला मोहम्मद नसीम तो उन्नाव जिले के सफीपुर क्षेत्र में काफी दिनों से रह रहा था और बिना छानबीन किए उसका पासपोर्ट भी बनकर तैयार हो गया। यही है यूपी पुलिस चाहे जितनी भी उनके ऊपर अंगुलियां उठे चंद रूपयों के खातिर असल और नकल को भी एक जैसा बना देती है।सनद रहे कि लखनऊ से शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे कुआलालंपुर जाने वाली एयर एशिया की उड़ान एके 014 से जाने वाले यात्रियों की इमीग्रेशन जांच-पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि एक युवक तो बांग्लादेश का रहने वाला है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
